क्राइम

लोगों को इस फोटो में दिखा माँ दुर्गा का अपमान, अरेस्ट दीपिका राजावत की मांग !

नवरात्रि का आज पांचवा दिन है, देश भर में माँ दुर्गा की पूजा अर्चना की जा रही है. हिन्दू धर्म में लड़कियों को माँ दुर्गा का स्वरूप माना जाता है. माँ दुर्गा हमारी आस्था का एक प्रतीक है. लेकिन इसी आस्था को चोट पहुंचाने के लिए कुछ लिबरल ये तक भूल जाते हैं की आस्था का क्या मतलब है. हर बार हिन्दू धर्म की अस्मिता पर कटाक्ष किया जाता है. ऐसा कोई मौक़ा नहीं छोड़ते जब धर्म को बदनाम न किया गया हो.बेशर्मी की सारी हदों को पार करते हुए माँ दुर्गा की तस्वीर वायरल की जा रही है और एक भक्त की भावनाओं से खिलवाड़ हो रहा है.

यही वजह है की ट्विटर पर हैश टैग अरेस्ट दीपिका रजावत ट्रेंड कर रहा है. एक वकील ने गंवारों की तरह बिना कुछ सोचे समझे एक तस्वीर ट्विटर पर शेयर की. इस तस्वीर में आप देख सकते हैं किस तरह से नवरात्रि में देवी माँ की पूजा करने वाले भक्तों का अपमान किया गया है. न सिर्फ अपमान बल्कि एक भक्त को बलात्कारी दिखाने की कोशिश की गई है. इस तस्वीर में एक तरफ लिखा है अन्य दिन और दूसरी तरफ लिखा है नवरात्री. इन वकील साहिबा को ये समझ में नहीं आ रहा की विरोध करने के और भी तरीके हैं सिर्फ एक धर्म को टारगेट करके क्यों. जबकि यही वकील साहिबा ईद के दिन खीर की फोटो पोस्ट करती हैं. ये कैसा दोगलापन है दीपिका जी?

लिबरलपन्ति के चक्कर में हीरो बनने की जगह आप विलेन बन रही है. ये वही दीपिका है जिन पर आरोप लगे थे की टुकड़े टुकड़े गैंग से मिलकर इन्होंने एक रेप पीड़िता को इन्साफ दिलाने की जगह फेम कमाया. कठुआ गैंग रेप में इनका नाम सुर्ख़ियों में आया था. पीड़िता के परिवार वालों ने आरोप लगाया था कि केस के नाम पर वो सिर्फ पब्लिसिटी कर रही हैं. अरे केंद्र सरकार के विरुद्ध ज़हर उगलना तो ठीक है पर धर्म का तो ख्याल रखिये.

इस विवादित पोस्ट के बाद ट्विटर पर लोगों ने दीपिका को जमकर लताड़ा. अभिषेक आचार्या ने लिखा हिन्दू त्यौहार पर ही ये सब याद आता है? अपना डीएनए चेक करवाओ. #Arrest_Deepika_Rajawat

कुंवर अजय प्रताप सिंह ने लिखा सारा ज्ञान सिर्फ हिन्दू त्यौहारों पर ही नजर आता है बाकी समय बिल में घुस जाते है ये लोग. इतना ही नहीं लोग एफआईआर करने की भी मांग कर रहे हैं. सौरभ राय लिखते हैं कर्म-हलाला कि रात्रि पर मौन अधर्म-नवरात्रि पर कटाक्ष?

हालांकि इनसे उम्मीद भी यही की जा सकती है, क्योंकि ये जिस विचार की पैदाइश है, उसमें माँ दुर्गा के लिए अश्लील शब्द का इस्तेमाल किया जाता है और राक्षस महिशासुर का महिमामंडन करते हुए उसका दिवस मनाया जाता है, लेकिन इसकी इस हरकत पर एक्शन होना ही चाहिए, वैसे दीपिका जी की किस्मत अच्छी है, वो भारत में रहती है और उन्होंने ये विवादित टिप्पणी हिंदू देवी के ऊपर की है. अगर वे फ्रांस में होती और किसी ओर धर्म के खिलाफ इस तरह की गुस्ताखी करती. तो इनका भी सिर किसी सड़क पर अपने धड़ से अलग पड़ा होता. लेकिन दीपिका को समझना चाहिए कि बोलने की आजादी मिली है, इसका मतलब ये नहीं कि आप मुंह से बजबजाती हुई गंदगी ही उगले, आजादी के मतलब ये नहीं होता कि आप किसी का अपमान करे.

Back to top button