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लखनऊ शूटआउट: दोनों आरोपी जब जेल में तो इस तीसरे पर क्यों गिरी गाज?

लखनऊ में एपल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी के साथ हुए पुलिस शूटआउट मामले में पुलिस महकमे में योगी सरकार के खिलाफ गुस्सा है। आरोपी के समर्थन में साथी पुलिसकर्मी सोशल मीडिया पर न केवल अभियान चला रहे है बल्कि डीजीपी ओपी सिंह को चुनौती देने वाले बयान भी वायरल कर रहे है।

इस मामले में एटा के सिपाही सर्वेश चौधरी को निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच का भी आदेश दिया गया है। साथ ही सोशल मीडिया पर फोर्स के खिलाफ आक्रोश पैदा करने वाले अभियान में शामिल सिपाहियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

डीआईजी, लॉ एंड ऑर्डर प्रवीण कुमार ने बताया कि कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ लखनऊ में केस भी दर्ज किया गया है। विवेक तिवारी को गोली मारने वाले सिपाही प्रशांत चौधरी का समर्थन करने वालों के नाम इस एफआईआर में शामिल कर लिया जायेगा।

बता दे कि पहले आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी की पत्नी राखी के खाते में पैसा जमा करने का अभियान छेड़ा गया और अब पांच अक्टूबर को काला दिवस मनाने और छह अक्टूबर को इलाहाबाद में एसोसिएशन की बैठक बुलाने का मैसेज वायरल हो रहा है।

पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह का कहना है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। पुलिसकर्मी अनुशासनहीनता दिखाएगा तो वह सेवा में नहीं रहेगा। पुलिस एक अनुशासित बल है और अनुशासन के दायरे में ही सबको काम करना है।

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