रहस्य: क्यों बरमूडा ट्राएंगल के पास से गुजरने वाला जहाज लौटकर नहीं आता ?

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यह संसार रहस्यों से भरा पड़ा है। ऐसा ही एक रहस्य है अमेरिका के दक्षिण पूर्वी तट पर बना बरमूडा ट्राएंगल (Bermuda Triangle Mystery)। यहां भूले से कोई जहाज पहुंच जाए तो पता नहीं चल पाता कि जहाज को आसमान निगल गया या समुद्र। वैज्ञानिक भी बरमूडा ट्राएंगल के इस रहस्य का पता नहीं लगा पाएं हैं कि आखिर यहां कौन सी शक्ति है जो जहाज को लील जाती है।

कहां और कैसा है बरमूडा ट्राएंगल

बरमूडा ट्राइंगल, नार्थ अटलांटिक महासागर का वह हिस्‍सा जिसे ‘डेविल्‍स ट्राइंगल’ यानी ‘शैतानी त्रिभुज’ भी कहा जाता है। जहां पहुंचते ही बड़े से बड़ा समुद्री और हवाई जहाज गायब हो जाता है। इस ट्राएंगल के पास पह‌ुंचते ही न तो जहाज मिलता है और न ही उसके यात्री। आज दुनिया विज्ञान के क्षेत्र में कई मील आगे आ गई है लेकिन फिर भी दुनिया के इस हिस्‍से में जो रहस्‍य है उसकी वजहों का पता किसी को नहीं लग सका है।

यह वह जगह है जहां पर कई एयरक्राफ्ट्स और शिप्‍स हो गईं, किसी को भी पता नहीं लग सका। अमेरिकी नेवी का मानना है कि यह ट्राइंगल है ही नहीं है और अमेरिकी जियोग्राफिक नामों में ऐसा कोई भी नाम है ही नहीं।

कई ऐसे डॉक्‍यूमेंट्स हैं जिनमें कहा गया है कि इस जगह पर कई हादसे हुए हैं जो डराने वाले हैं और रहस्‍य से भरपूर हैं। दुनिया की कई संस्‍थाएं ऐसी जगह के होने से इंकार कर देती हैं लेकिन कई लेखकों ने समय-समय पर इसका जिक्र किया है।

बाहर से आ सकता है नजर

लोग मानते हैं कि ट्राइंगल कहां हैं इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है लेकिन ट्राइंगल के बाहर भी इसका प्रभाव रहता है। यह बात भी कई लोगों को डराती है और हैरान कर देती है। इसके बाद भी इस जगह पर ऐसी कई असाधारण बातों का जिक्र लोग करते हैं जिन पर यकीन करना म‍ुश्किल हो जाता है।

फिर से गायब हुआ जहाज

मैरी सेलेस्टी जहाज तरह की 1881 में एलिन ऑस्टिन नाम का जहाज यहां आकर गायब हो गया। एलिन ऑस्टिन नाम का एक जहाज कुशल चालकों के साथ न्यूयार्क के लिए रवाना हुआ। यह जहाज बरमूडा ट्राएंगल के पास रास्ते में कहीं खो गया। जब यह जहाज मिला तो जहाज पर सवार किसी व्यक्ति का कुछ पता नहीं चला।

रहस्य है इस जहाज का गायब हो जाना

अमेरिका के लेफ्टिनेंट कमांडर जी डब्ल्यू वर्ली 309 क्रू सदस्यों के साथ यूएसएस साइक्लोप्स नाम के जहाज से सफर कर रहे थे। बरमूडा ट्राएंगल को पार करते समय यह जहाज कहां खो गया कुछ पता नहीं चला। जिस दिन यह घटना हुई थी, उस दिन मौसम भी अनुकूल था। क्रू के सदस्य संदेश भेज रहे थे कि सब कुछ ठीक चल रहा है। लेकिन अचानक मंजर बदल गया और जहाज किस दुनिया में खो गया, कोई जान नहीं पाया। अमेरिका के इतिहास में इस जहाज का लापता होना और क्रू मेंबर का गायब होना एक बड़ा रहस्य बना हुआ है।

गायब हो चुके हैं अमेरिकी नेवी के एयरक्राफ्ट्स

वर्ष 1945 में अमेरिकी नेवी के पांच एवेंजर टॉरपिडो बॉम्‍बर्स 90 मिनट के अंदर गायब हो गए थे।फ्लोरिडा के फोर्ट लॉड्रेडाले से इन एयरक्राफ्ट्स सॉर्टी के लिए टेक ऑफ किया था। 14 व्‍यक्ति सवार थे। रेडिया ऑपरेटर्स को पहले संकेत मिला कि उनके पास मौजूद दिशा बताने वाला इक्विपमेंट कम्‍पास काम नहीं कर रहेा है। इसके बाद कम्‍यूनिकेशन टूट गया और फिर इन बॉम्‍बर्स का कोई पता नहीं चला।

बरमूडा ट्राएंगल में गायब हुए हवाई जहाज

इस क्षेत्र से गुजरने वाले कई हवाई जहाजों का भी कोई अता-पता नहीं है। फ्लाईट 19, स्टार टाईगर, डगलस डीसी-3 बरमूडा ट्राएंगल में गुम होने वाले हवाई जहाजों के नाम हैं

खो गया है एक शहर

बताते हैं कि अगर इस जगह पर एयरक्राफ्ट्स और जहाज गायब हो जाते हैं तो इसकी वजह से एलियंस और यूएफओ की सक्रियता। कहा तो यहां तक जाता है कि कई प्राकृतिक, भौगोलिक और दूसरी वजहों के साथ ही इस ट्राइंगल की वजह से अटलांटिस शहर गायब हुआ है।

गायब होने के बाद नहीं मिलता एक अंश भी

जब कभी भी कोई प्‍लेन या जहाज ट्राइंगल के ऊपर या आसपास नजर आया, वह दोबारा वहां से लौट नहीं सका। कभी किसी ने उस प्‍लेन या जहाज को नहीं देखा। यहां तक कि उनका मलबा तक नहीं मिला। इसकी वजह बताई जाती है ट्राइंगल के पास ही बहने वाली समंदर की तेज लहर जो तेजी से मलबे को अपने साथ बहा ले जाती है।

प्रति वर्ष चार एयरक्राफ्ट्स और जहाज लापता

बताया जाता है कि 100 वर्षों के दौरान यहां पर 1000 लोगों की मौत हो गई है। औसतन प्रतिवर्ष यहां पर चार एयरक्राफ्ट्स और 20 जहाज गायब हो जाते हैं।

लेकिन कुछ भी नहीं कहता है कभी

बरमूडा ट्राइंगल के अंदर अमेरिकी सरकार की ओर से एयूटीईसी या अटलांटिक अंडरसी टेस्‍ट एंड इवैल्‍यूएशन सेंटर मौजूद है। यह सेंटर एंड्रॉस आईलैंड ऑफ बाहमास पर स्थित है। यहां पर अमेरिकी नेवी उनकी सबमरीन, सोनर और दूसरे हथियारों का टेस्‍ट करती है। हालांकि कई लोग मानते हैं कि यह सिर्फ एक टेस्टिंग सेंटर से ज्‍यादा है।

पायलट ने बताया है अनुभव

कई लोगों ने यहां पर इलेक्‍ट्रॉनिक फॉग होने की बात भी कही है। इसे टाइम ट्रैवल टनल भी कहा जाता है। पायलट ब्रूस ग्रेनॉन की मानें तो फ्लाइंग के सिर्फ 28 मिनट के अंदर ही वह इस टनल के अंदर गायब हो गए थे। उनका प्‍लेन रडार से गायब हो चुका था। मियाबी बीच पर पहुंचने के बाद ही प्‍लेन रडार पर वापस नजर आ सका।

कोलंबस ने देखा था आग का गोला

बरमूडा ट्राइंगल का पहला जिक्र क्रिस्‍टोफर कोलंबस के जर्नल्‍स में मिलता है। उन्‍होंने लिखा था ट्राइंगल के अंदर जहाज के कम्‍पास ने काम करना बंद कर दिया था। इसके बाद उन्‍होंने आसमान में आग का एक गोला देखा था।

हमेशा गलत प्रतीत होती है दिशा

बरमूडा ट्राइंगल दुनिया की वह अजब गजब जगह है जहां पर कम्‍पास मैग्‍नेटिक नॉर्थ की ओर कोई इशारा नहीं करता है। इस वजह से कंफ्यूजन होता है और जिसकी वजह से एयरक्राफ्ट्स और जहाज गायब हो जाते हैं।

जहाज गायब होने में एलियन का हाथ

इस क्षेत्र में जहाजों के गायब होने के कारण पर कई शोध और अध्ययन हुए लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। शुरुआती शोध के परिणाम बताते हैं कि बरमूडा ट्राएंगल के पास एक विशेष प्रकार का कोहरा छाया रहता है जिसमें जहाज भटक जाते हैं।

जहाजों के गायब होने का दूसरा कारण यह बताया जाता है कि इस क्षेत्र में मीथेन गैसों का भंडार है। इससे पानी का घनत्व कम हो जाता है और जहाज धीरे-धीरे पानी में समाने लगता है।

अफवाहें तो यह भी हैं कि इस क्षेत्र में एलियन्स का रिसर्च सेंटर है। एलियनों को बाहरी दुनिया के लोगों का इस क्षेत्र में प्रवेश पसंद नहीं है, इसलिए इस तरह की घटनाओं को वह अंजाम देते हैं। जहाज गायब होने के कारण अभी तक खोजे नहीं जा सके हैं।