उत्तर प्रदेश

यूपी में कांग्रेस के अकेले लड़ने की तैयारी, देखिए 44 लोकसभा प्रत्याशियों की वायरल सूची

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने अकेले चुनाव लडऩे की तैयारियां तेज करते हुए दिग्गजों को मैदान में उतारने का मन बनाया है। इसी कड़ी में प्रदेश की 44 सीटों को चिह्नित करते हुए चुनावी तैयारी में जुटने को कहा गया है। इसके अलावा जिलों में बूथ कमेटी गठन के लिए प्रपत्र भेजे जा रहे हैं।

प्रदेश संगठन प्रभारी महासचिव सतीश अजमानी ने बताया कि कांग्रेस अकेले पूरी ताकत से चुनाव मैदान में उतरेगी। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव से बेहतर नतीजे आने का दावा करते हुए उन्होंने बताया कि जिलों में बूथ कमेटियां गठन का अधिकतर कार्य पूरा हो चुका है। कार्यकर्ताओं में अपने दम पर चुनाव लडऩे को लेकर भारी उत्साह है।

कांग्रेस के 44 नामों की एक लिस्ट भी सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। आप भी पढ़िए ये लिस्ट

लोकसभा के प्रस्तावित उम्मीदवार
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1) सोनिया गाँधी – रायबरेली
2) राहुल गांधी- अमेठी
3) डॉ संजय सिंह – सुलतानपुर
4) राजकुमारी रत्ना सिंह- प्रतापगढ
5) प्रमोद तिवारी- इलाहाबाद
6) तनुज पूनिया – बाराबंकी
7) अनु टंडन – उन्नाव
8).. श्रीप्रकाश जायसवाल- कानपुर
9) राजाराम पाल – अकबरपुर
10) राजबब्बर – आगरा
11) संजय दत्त – मुरादाबाद
12) अजय राय – वाराणसी
13) शेष नाथ दुबे- अयोध्या(फ़ैज़ाबाद)
14) आरपीएन सिंह- पडरौना
15) जितिन प्रसाद – सीतापुर
16) राजेश मिश्रा – भदोही
17) ललितेश त्रिपाठी – मिर्जापुर
18) प्रदीप जैन – झाँसी
19) नसीमुद्दीन सिद्दीकी- बांदा
20) अभिमन्यु सिंह- फतेहपुर
21) इमरान मसूद – सहारनपुर
22) अखिलेश प्रताप सिंह- देवरिया
23) धनंजय सिंह- जौनपुर
24) श्री संतोष श्रीवास्तव- लखनऊ
25) बादशाह सिंह- हमीरपुर
26) आशुतोष मिश्रा – गोंडा
27) अजय कुमार लल्लू – कुशीनगर
28) मुतिउररेहमान खां ‘बब्लू’ – रामपुर
29) नगमा – फिरोजाबाद
30) सलमान खुर्शीद – फरूखाबाद
31) अनुग्रह नारायण सिंह- फूलपुर
32) अजय कपूर – मैनपुरी
33)आफताब मलिक एडवोकेट – गाज़ियाबाद
34) महबूब अली एडवोकेट- सम्भल
35) इमरान प्रतावगढी- कन्नौज
36)मोहम्मद अजरूदीन- आजमगढ़
37)मीम अफजल- शिकोहाबाद
38)राशिद अल्वी- गाजीपूर
39)संजय कपूर- गोरखपुर
40) शमीना शफीक- बागपत
41) नसीब पठान- बलिया
42) वीरेंद्र नाथ त्रिपाठी- डुमरियागंज
43) विपुल माहेश्वरी – मुजफ्फरनगर
44) प्रदीप माथुर – मथुरा

इसके साथ-साथ माना जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व प्रदेश संगठन में बड़े बदलाव के पक्ष में नहीं है। ऐसे में राजबब्बर की कुर्सी सलामत रह सकती है और प्रदेश को तीन या चार जोन में विभाजित कर कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं।

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