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मोदी सरकार का तगड़ा एक्शन, बर्बाद हो जाएगा पाकिस्तान, ऐसा सिखाया सबक

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आ’तंकी हम’ले के बाद से देश के भीतर से पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग उठ रही है।कुछ लोग पाकिस्तान पर सैनिक कार्यवाही की मांग भी कर रहे हैं। इस बीच भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ पहला क़दम उठाते हुए पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर अलग-थलग करने के रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इस कड़ी मे तत्काल प्रभाव से पाकिस्तान से आयातित होने वाले सभी सामानों पर सीमा शुल्क बढ़ाकर 200 प्रतिशत कर दिया है।यह जानकारी खुद केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने दी है। वित्त मंत्री ने ट्वीट कर कहा कि ‘पुलवामा की घटना के बाद भारत ने पाकिस्तान से एमएफएन का दर्जा वापस ले लिया है।इसके बाद पाकिस्तान से भारत में आयात किए जाने वाले सभी तरह के सामान पर सीमा शुल्क तत्काल प्रभाव से बढ़ाकर 200 प्रतिशत हो गया है।

उल्लेखनीय है कि एमएफएन का मतलब है मोस्ट फेवर्ड नेशन, यानी ऐसा देश जिसको व्यापार मे प्राथमिकता दी जाती है। एमएफएन का दर्जा मिल जाने वाले देश को इस बात का आश्वासन रहता है कि उसे कारोबार में नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। इसके तहत आयात-निर्यात में आपस में विशेष छूट मिल जाती है। जिस देश को यह दर्जा प्राप्त होता है ,उस देश के साथ कारोबार सबसे कम आयात शुल्क पर होता है। एमएफएन के क़ायदों के तहत सीमेंट, चीनी, ऑर्गेनिक केमिकल, रुई, सब्जियों और कुछ चुनिंद फलों के अलावा मिनरल ऑयल, ड्राई फ्रूट्स, स्टील जैसी कमोडिटीज़ और वस्तुओं का कारोबार दोनों देशों के बीच होता है.

आप को बता दें कि भारत के साथ पाकिस्तान का अच्छा खासा व्यापार होता रहा है। सीमा पर तनाव के बावजूद भी दोनों देशों के व्यापार पर कुछ असर नहीं पड़ता रहा है। लेकिन पाकिस्तान इस समय बड़ी आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है और इस फैसले से पाकिस्तान को आर्थिक रुप से गहरी चोट पहुंच सकती है। हालांकि इस बढ़े शुल्क के बाद अगर पाकिस्तान भारत के साथ कारोबार बंद कर देता है तो नुकसान भारत का भी हो सकता है ।लेकिन मौजूदा परिस्थितियों मे पाकिस्तान को कड़ा संदेश देना भी ज़रूरी है।

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