मुस्लिम धर्मगुरु की मांग- पाकिस्‍तान को सबक़ सिखाने के लिए बनाएं मुस्लिम रेजिमेंट

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जम्मू कशमीर के पुलवामा मे फिदायीन हमले के बाद शहीद हूए जवानों के लिए जगह जगह प्रार्थना सभायें की जी रही हैं। देश मे गम और गुस्से की लहर है। पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किये जा रहे हैं।साथ ही आतं’कवादियों और पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाही की मांग की जा रही है। इसी बीच मुस्लिम धर्मगुरु और मालेगांव के पूर्व विधायक मुफ्ती इस्माइल कासमी ने पाकिस्तान पर हमला करने के लिए भारतीय सेना में एक स्पेशल मुस्लिम रेजीमेंट बनाए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर भारत सरकार उनकी इस मांग को स्वीकार कर लेती है तो वह खुद 25 हजार मुस्लिमों की फ़ौज बनायेंगें जिन्हें रेजीमेंट में शामिल किया जा सकता है।

कश्मीर के पुलवामा में सेना पर आतं’की हमले पर मुफ्ती इस्माइल ने कहा कि ‘पाकिस्तान ने जो जघन्य काम किया है वह इस्लाम धर्म की शिक्षाओं के खिलाफ है। उनका कहना है कि पाकिस्तान की ओर से यह हिं’सा इस्लाम और मुसलमानों के नाम पर की जा रही है इसलिए वह भारत सरकार से अपील करते हैं कि वो मुस्लिम रेजीमेंट बनाने में उनकी मदद करे जो पाकिस्तान के खिलाफ इस लड़ाई को लड़ेगी।

आप को बता दें कि पूर्व विधायक ने पुलवामा हमले के विरोध में शुक्रवार को मालेगांव में एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया था। इसी दौरान उन्होंने यह बयान दिया था। मुफ्ती इस्माइल ने विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो भी अपने फेसबुक प्रोफाइल पर शेयर किया गया। वीडियो मे देखा जा सकता है कि पूर्व विधायक कह रहे हैं कि माज़ी में हिंदुस्तान के लोगों ने मसूद अजहर को रिहा किया था। जैश-ए-मोहम्मद को संगठित करने का जिम्मेदार वही है। इसलिए हमारी हिंदुस्तान सरकार से मांग है कि पाकिस्तान से अज़हर मसूद को हिंदुस्तान लाकर सजा दी जाये।’

उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान कश्मीर में इस्लाम के नाम पर आतं’क फैला रहा है। लेकिन इसका इस्लाम या किसी मजहब से कोई तआल्लुक नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस तरह फौज में मराठा, गोरखा, राजपूत रेजिमेंट होती है। उसी तरह एक मुसलमान रेजीमेंट का गठन भी होना चाहिए, जो पाकिस्तान के खिलाफ जंग मे हिस्सा लेगी।