मुंबई सावधान! तबाही मचाने आया है निसर्ग तूफान, डरना क्यों है जरूरी ?

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ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अम्फान की तबाही के बाद अरब सागर में बनने वाला निसर्ग तूफान महाराष्ट्र और गुजरात में दस्तक देने वाला है। जानकारी के मुताबिक साइक्लोन का केंद्र महाराष्ट्र के तट के काफी नजदीक है। लैंडफाल की प्रक्रिया शुरू हो गई और यह 3 घंटे में पूरी होगी। तूफान तेजी से मुंबई की ओर बढ़ रहा है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, तूफान ने अलीबाग में दस्तक दे दी है। अलीबाग में तेज हवाओं के साथ बारिश भी शुरू हो गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, लैंडफाल के समय हवा की स्पीड करीब 90-110 किमी प्रति घंटे रहने की संभावना है जो 120 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है। एनडीआरएफ ने लोगों को तूफान से सतर्क रहने की सख्त सलाह दी है। संस्था के डीजी एसएन प्रधान ने बताया कि तूफान के लैंडफाल के पहले के 6 घंटे और बाद के 6 घंटे काफी महत्वपूर्ण हैं, इसलिए लोगों से अपील है कि वे बाहर न निकलें।

वहीं, रत्नागिरी में चक्रवाती तूफान निसर्ग का असर दिखना शुरू हो गया है। तेज हवाओं की वजह से यहां कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए हैं। एयर वाइस मॉर्शल जीपी शर्मा ने बताया कि तूफान की वजह से अलीबाग, पालघर और मुंबई में बारिश शुरू हो गई है। यह लगातार जारी रहेगी और इसकी तीव्रता बढ़ती जाएगी। तूफान के आगे बढ़ने के साथ-साथ इन इलाकों में हवाएं तेज होनी शुरू हो जाएंगी। 12 बजे से 4 बजे तक तूफान चरम पर रहेगा।

निसर्ग तूफान को अम्फान की तरह विनाशकारी नहीं माना जा रहा है लेकिन गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में इससे काफी नुकसान पहुंचने की आशंका है। बताया जा रहा है कि अरब सागर में तैयार हो रहे तूफान के कारण समुद्र में 1-2 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने मछुआरों को चेतावनी जारी कर उन्हें समुद्र के किनारे न जाने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्हें घर से बाहर न निकलने की भी सलाह दी गई है।

तूफान से तटीय इलाकों के लोगों को खतरा ज्यादा है, इसलिए प्रशासन यहां से लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने के प्रयास में लगी है। निसर्ग तूफान से रत्नागिरि में सबसे ज्यादा नुकसान की आशंका जताई जा रही है। यहां बीच समुंदर में पानी का जहाज फंसा हुआ है। तेज हवाएं चल रही हैं, जिससे जहाज के रेस्क्यू में परेशानी आ रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, फिलहाल तूफान अलीबाग से 115 किमी दूर रह गया है। 120 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं से दोनों तटीय राज्यों में भारी तबाही मचने के आसार हैं।