मुंबई में अस्पताल के ICU से गायब हुआ कोरोना पेशेंट, 15 दिन से कोई खबर नहीं !

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मुंबई के एक हॉस्पिटल से एक कोरोनावायरस मरीज के गायब हो जाने जैसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है. 19 मई को गायब हुए मरीज का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है. इस मामले के रोशनी में आने के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता किरीट सोमैया ने इस मामले को लेकर BMC (बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन) चीफ को चिट्ठी लिखी है.

67 साल के बुजुर्ग कोरोना मरीज के परिवार ने बताया कि बीते 14 मई को मुबंई के KEM हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. कोविड पॉजिटिव निकलने के बाद उन्हें ICU में शिफ्ट कर दिया गया था लेकिन 19 मई से उनका कोई पता नहीं चल रहा. न उनके परिवार को उनका कुछ पता है, न ही हॉस्पिटल को इसकी कोई जानकारी है.

मरीज के एक रिश्तेदार ने बताया, ‘हमें 20 मई की सुबह हमें एक कॉल आई, लेकिन बात नहीं हो पाई. मैंने सुबह साढ़े 10 बजे कॉल बैक किया तो अस्पताल ने बताया कि उन्हें मरीज का पता नहीं चल रहा. वो जानना चाहते थे कि क्या हमने उन्हें ट्रांसफर कराया है. मैंने कहा कि हमें इसकी कोई जानकारी नहीं है. हमने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था और हम खुद क्वारंटीन में थे. इसके बाद उन्होंने मरीज को ढूंढना शुरू किया. इसी में चार-पांच दिन चले गए. हमें अभी भी नहीं पता कि वो कहां हैं.’

मुंबई पुलिस ने इस मामले में मरीज के गायब होने के पांच दिन बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की है. पुलिस को अभी तक मरीज का पता नहीं चला है और सवाल उठ रहे हैं कि आखिरकार 67 साल का एक कोरोना मरीज बिना किसी की जानकारी के हॉस्पिटल वॉर्ड से गायब कैसे हो सकता है.

बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने अब इस मामले को लेकर बीएमसी चीफ को चिट्ठी लिखी है. उन्होंने कहा, ‘मैंने हॉस्पिटल के डीन से बात की है. भोइवाड़ा पुलिस ने बताया है कि उन्होंने हॉस्पिटल अथॉरिटी से डिटेल में रिपोर्ट मांगी है. डिप्टी पुलिस कमिश्नर का भी मानना है कि परिवार को इंसाफ मिलना चाहिए. हम कोशिश कर रहे हैं कि उनका पता चले और हम परिवार की मदद कर पाएं.’

इस घटना की जानकारी तब हुई है, जब अभी एक दिन पहले ही खबर सामने आई थी कि मुंबई में ही एक कोरोना मरीज की मौत होने के बाद सिविक अथॉरिटी की ओर से परिवार को जानकारी दिए बगैर ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया. इस घटना में भी परिवार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. जांच में पता चला कि BMC को मृत मरीज के परिवार की कोई जानकारी नहीं मिली तो उन्होंने शव को लावारिस बताकर पुलिस को सौंप दिया था.

बरकतअलीनगर के निवासी राकेश वर्मा की बीते 17 मई को कोरोनावायरस से मौत हो गई थी. उनका अंतिम संस्कार पुलिस ने किया. उनके परिवार का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी भी नहीं दी गई. उन्हें उनकी मौत तक के बारे में नहीं बताया गया.