मिड-डे मील की रोटी में कीड़े निकलने की खबर निकली झूठी, बच्चों को तो दी गई थी तहरी

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बीते दिनों कानपुर देहात जिले की सिकन्दरा तहसील में परषदीय विद्यालय में बच्चों को मिड डे मील के तहत कीड़े की रोटी दिए जाने का समाचार चैनलों में चला गया था. मामले की जांच में मैन्यू के तहत रोटी के बजाए उस दिन बच्चों को तहरी दिए जाने का मामला प्रकाश में आया है. इस सम्बंध में तहसीलदार सिकन्दरा व खण्ड शिक्षाधिकारी राजपुर की संयुक्त जांच में यह चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. जिसकी जांच रिपोर्ट उन्होंने सोमवार को आलाधिकारियों को सौंप दी है.

दरअसल सिकन्दरा के ग्राम मदियापुर प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में 29 नवम्बर को बच्चों को कीड़े वाली रोटी परोसी जाने का समाचार टीवी चैनलों में चलाया गया था. टीवी चैनलों में चले समाचार का संज्ञान लेते हुए आलाधिकारियों ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम बनाई गई थी. तहसीलदार सिकन्दरा व खण्ड शिक्षाधिकारी राजपुर ने प्रकरण की स्थलीय जांच कर रिपोर्ट तैयार की गई. दो सदस्यीय जांच कमेटी रिपोर्ट में सबसे चौकाने वाला सच यह सामने आया कि जिस दिन बच्चों को मिड डे मील के तहत कीड़े वाली रोटी परोसा जाना दिखाया गया है, उस दिन उन्हें खाने में रोस्टर मैन्यू के तहत तहरी दी गई थी. रिपोर्ट के अनुसार जांच कमेटी ने बच्चों से भी इस सम्बंध में जानकारी ली गई तो उन्होंने भी तहरी खाने की पुष्टि की.

जांच करने पहुंची टीम के अधिकारियों ने उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक महेन्द्र सिंह, प्रधानाध्यापक राजेश कुमार व सहायक अध्यापक ज्योति राय के साथ उपस्थित शिक्षामित्रों से भी अलग—अलग बयान लिए. सभी के बयान सही पाए गए. बताया गया कि जिस दिन का प्रकरण टीवी चैनलों में दिखाया जा रहा है उस दिन मैन्यू में स्कूल आए बच्चों को रोटी नहीं बल्कि तहरी दी गई थी.

जांच रिपोर्ट के मुताबिक चलनी में रखे चोकर को जल्दबाजी में रसोईये ने आटे में डाल दिया था, उसके साथ ही कुछ कीड़े उसमें गिर गए थे. इसको लेकर ही आटा को खराब बताया जा रहा था. जबकि दिन तो रोटी बनाई ही नहीं गई थी. जांच रिपोर्ट आने पर मदियापुर प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षण कार्य में लगे कर्मियों ने राहत की सांस ली है.