उत्तर प्रदेश

मायावती के लिए अखिलेश ने छोड़ दी ‘अपनी’ सीट, बसपा सुप्रीमो अब यहां से जाएंगी संसद

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए सपा बसपा गठबंधन ने कमर कस ली है. हाल ही में गठबंधन ने सीटों के बंटवारे का एलान करते हुए लिस्ट जारी कर दी है. जिसे देख कर लग रहा है कि पश्चिमी यूपी में समाजवादी पार्टी ने बसपा को काफी तरजीह दी है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 5 आरक्षित सीटों में से 4 बसपा के खाते में गई हैं. जो 4 सीटें बसपा को मिली हैं. इन सीटों में नगीना, बुलंदशहर, आगरा और शाहजहांपुर की आरक्षित सीटों से बहुजन समाज पार्टी अपने उम्मीदवार उतारेगी.

इसी कड़ी में बसपा सुप्रीमो मायावती को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि वह इस बार के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की कौन सी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने वाली हैं. राजनीतिक सूत्रों की मानें तो बसपा सुप्रीमों यूपी की नगीना सीट से चुनाव लड़ सकती हैं. गौरतलब है कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में नगीना सीट पर समाजवादी पार्टी दूसरे नंबर पर रही थी वहीं भारतीय जनता पार्टी इस सीट से पहले नंबर पर आई थी लेकिन अब सपा बसपा गठबंधन में यह सीट बसपा के लिए छोड़ दी है.

आपको बता दें कि बसपा ने सीट बंटवारे में गाजियाबाद की सीट छोड़कर नगीना की सीट पर अपना दावा पेश किया जिसे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्वीकार कर लिया. इसके बाद से ही अटकलें लगाई जा रही है कि मायावती खुद इस लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मायावती के राजनीतिक कैरियर में बिजनौर जिले का बड़ा योगदान रहा है. क्योंकि मायावती ने अपना पहला लोकसभा चुनाव बिजनौर से ही लड़ा था.

इस बार के लोकसभा चुनाव को लेकर भी यह कयास लगाए जा रहे हैं कि मायावती नगीना सीट से ही अपनी दावेदारी पेश करेंगी. हालांकि बसपा नेताओं का कहना है कि मायावती सहारनपुर या फिर नगीना से अपनी दावेदारी तय करेंगी. गौरतलब है कि सपा-बसपा गठबंधन ने गुरुवार को जो लिस्ट जारी की है, उसके मुताबिक पश्चिमी यूपी में अखिलेश यादव ने बसपा को तरजीह दी है. पश्चिमी यूपी की गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर लोकसभा सीटों पर बसपा चुनाव लड़ेगी. इसके अलावा मुरादाबाद मंडल में बिजनौर, नगीना बसपा के खाते में गई हैं. वहीं रामपुर, मुरादाबाद और संभल सपा ने अपने पास रखी हैं.

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