महिलाओं की इस गलती से गर्भ में बच्चे हो जाते हैं किन्नर, हो जाएं सावधान

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औलाद का सुख हर माँ बाप की जिंदगी का सबसे बड़ा सुख होता है. एक मां के लिए उसकी संतान क्या होती है यह आप सोच ही सकते हैं। जब भी बच्चे को तकलीफ होती है तो सबसे पहले उसका दर्द माँ समझती है. क्यूंकि, बच्चे को पैदा करने के लिए 1 माँ उसे 9 महीने तक अपनी कोख में रखती है जिसके बाद उसे अपने बच्चे की शक्ल देखने को मिलती है और वही यदि वह बच्चा किन्नर पैदा हो जाए तो उस मां के लिए श्राप बन जाता है। किन्नरों को हमारे समाज में कई दृष्टि से देखा जाता है यह बताने की कोई जरूरत हमें नहीं है। लेकिन साइंस के अनुसार बताया गया है कि मां के गर्भ में जब बच्चा होता है किन बातों का ध्यान रखकर हम अपने बच्चों को किन्नर बनाने से बच सकते हैं। आइए जानते हैं किन कारणों से बचाया जा सकता है अपने बच्चे को किन्नर बनने से।

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि एक बच्चा 9 महीने का बच्चा मां के पेट में पूरी तरह विकास कर लेता है और उसका प्रथम विकास 3 माह के होते ही शुरू हो जाता है। ऐसा बताया जाता है कि जब महिला गर्भवती हो और ऐसे में महिला को कोई बीमारी हो जाए कोई गंभीर बीमारी और उसका इलाज कराने के लिए उसे किसी अच्छे स्पेशलिस्ट को दिखाना पड़े। ऐसे में डॉक्टर कुछ ऐसी हैवी दवाई दे देते हैं जो गर्भ में पल रहे बच्चे पर सीधा असर डालती है।

जैसा कि आप सभी जानते हैं 9 महीने तक बच्चा मां के पेट में मां के जरिए ही भोजन प्राप्त करता है जो मां खाती है पीती है वही बच्चे को मिलता है। ऐसे में कोई भी हैवी दवाई का सेवन करना बच्चे के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है। यदि कोई गर्भवती औरत गंभीर बीमारी से पीड़ित है और वह बहुत हैवी डोज वाली दवाई ले लेती है इसका सीधा असर उसके गर्भ में पल रहे बच्चे पर होता है और इसी कारण से वह किन्नर बन जाता है।

कहते हैं उन दवाइयों की वजह से बच्चे के शरीर पर बहुत असर पड़ता है और उसके शरीर के कुछ अंगों जल जाते हैं या नष्ट हो जाते हैं जिसकी वजह से वह किन्नर रूप ले लेता है। हालांकि यह मां और पिता के हारमोंस पर भी निर्भर करता है लेकिन दवाइयों का असर भी गर्भ में पल रहे बच्चे पर सीधा होता है। यदि आप गर्भवती हैं तो आप कोई भी दवाई लेने से पहले या तो डॉक्टर से सलाह ले नहीं तो डॉक्टर की दी हुई दवाई पर विश्वास ना होने पर किसी अच्छे डॉक्टर से जरूर पूछें तभी उस दवाई का सेवन करें। नहीं तो उसके परिणाम कुछ उल्टे भी हो सकते हैं।

कभी-कभी अनचाहे गर्भ होने की वजह से कुछ महिलाएं बिना डॉक्टर की सलाह के गर्भपात की दवाई ले लेती हैं जोकि कभी-कभी उल्टा असर डाल देती है और गर्भ में पल रहा बच्चा मरने की वजह उसके कुछ और नष्ट हो जाते हैं और वह बच्चा किन्नर बन जाता है। इसलिए किसी भी दवाई का सेवन करने से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह लें नहीं तो आपको इसका गलत खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।