भोपाल में कोरोना का हाहाकार, मिले 20 नए मरीज, फिर भी खुश होने की है वजह !

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भोपाल। एक तरफ शहर में जहां कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, वहीं कोरेाना को हराने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। शहर में सोमवार को कोरोना के 20 नए मरीज सामने आए वहीं 37 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से घर लौट गए। शहर में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 1058 पहुंच गई है, वहीं ठीक होने वाले मरीजों की संख्या भी करीब 650 हो गई।

सोमवार को जो मरीज मिले इनमें अशोका गार्डन की शंकर कॉलोनी में सात नए पॉजिटिव मिले। वहीं चार दिन पहले मुंबई से परिवार सहित भोपाल लौट रहे ऑटो चालक की मौत के बाद उसके परिवार में दो और लोग पॉजिटिव मिले। इनका इलाज हमीदिया अस्पताल में चल रहा था। रिपोर्ट में कोरोना की पुष्टि होने के बाद कोविड वार्ड में शिफ्ट किया गया है ।

कोरोना का संक्रमण अब पुराने शहर में ज्यादा फैलने लगा है। जहांगीराबाद, मंगलवारा के बाद अशोकागार्डन, नारियल खेड़ा, छोला के अलावा श्यामला हिल्स के आसपास मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है।

इस सबके बीच स्वास्थ्य विभाग कोरोना को रोकने के इंतजाम से ज्यादा अपने अजीबो गरीब आदेशों को लेकर चर्चा में हैं। विभाग के आला अधिकारी खुद आदेश जारी करते हैं और बाद में उसे बदल भी देते हैं। ताजा मामला कोरोना के लक्षणों को लेकर जारी की गई गाइडलाइन को लेकर है।

रविवार को विभाग ने सभी सीएमएचओ को नई गाइडलाइन का हवाला देते हुए कोरोना के नए लक्षणों के बारे में जानकारी दी थी। इसमें कंधे के दर्द, जोड़ों के दर्द, शरीर में सूजन, सीने में तेज दर्द के साथ एक दर्जन से ज्यादा नए लक्षण बताए गए थे।

लेकिन अगले ही दिन विभाग ने इस आदेश को रद्द कर दिया। स्वास्थ्य आयुक्त फैज अहमद किदवई ने पुराने आदेश पर पुर्नविचार करने की बात कर इस आदेश को तत्काल वापस ले लिया।

यह पहली बार नहीं है जब विभाग के आला अधिकारियों ने इस प्रकार के आदेश जारी किए हैं। इससे पहले पॉजीटिव डॉक्टरों की अस्पताल से छुट्टी के बाद क्वारेंटाइन में रह रहे डॉक्टरों को इंदौर ड्यूटी के लिए भेज दिया।

जब डॉक्टर वहां चले गए तो भोपाल में ड्यूटी ना करने को लेकर नोटिस जारी कर दिया। यही नहीं जब वह डॉक्टर अपना जवाब देने आए तो फिर इंदौर छोडऩे को लेकर नोटिस थमा दिया।

इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग की एक आला अधिकारी ने अपने कर्मचारियों को 15 मिनट धूप सेकने के निर्देश दिए थे।