भारत में ‘डेमोक्रेसी’ की ‘ऐसी-तैसी’ पर जो बात महुआ बोलीं, वो सरकार के लिए कड़वी गोली

0
20

मोदी सरकार पर विपक्ष लोकतंत्र के खिलाफ़ काम करने का आरोप लगाता रहा है। विपक्ष का कहना है कि मोदी सरकार के शासनकाल में भारत का लोकतंत्र कमज़ोर हुआ है। विपक्ष के इन दावों की तस्दीक अब जानी-मानी अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘द इकोनॉमिस्ट’ ने कर दी है।

पत्रिका के सालाना ‘डेमोक्रेसी इडेंक्स’ में भारत 10 पायदान नीचे आ गया है। भारत को 2019 के लिए इंडेक्स में 51वें स्थान पर रखा गया है। इससे पहले के साल में भारत 41वें स्थान पर था। 2019 में भारत का डेमोक्रेसी (Democracy Index) स्कोर 6.9 रहा, जो 13 साल में सबसे कम है। मोदी सरकार के आने से पहले 2014 की बात करें तो भारत का डेमोक्रेसी स्कोर सबसे ज्यादा 7.92 था।

बता दें कि द इकोनॉमिस्ट ग्रुप’ अपने रिसर्च विभाग ‘द इंटेलिजेंस यूनिट’ की मदद से हर वर्ष एक ‘डेमोक्रेसी इंडेक्स’ जारी करता है। ये इंडेक्स चुनावी प्रक्रिया, सरकार की कार्यप्रणाली, और सामाजिक स्वतंत्रता के आधार पर तैयार किया जाता है।

बुधवार को इस यूनिट ने 165 देशों के बारे में अपनी ताज़ा रिपोर्ट जारी की। जिसमें भारत की स्थिति चिंताजनक रही। पत्रिका के मुताबिक, भारत की रैंकिंग में ये गिरावट कश्मीर से धारा 370 हटाने और सीएए लागू करने की वजह से नागरिको में बढ़े असंतोष के कारण आई है।

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर ज़ोरदार हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “मोदी-शाह ये शर्मनाक है! इसमें कोई शक नहीं है कि अब आप हमें बताएंगे कि लोकतंत्र धर्मनिरपेक्षता की तरह एक विदेशी अवधारणा है?”

डेमोक्रेसी इडेंक्स में नॉर्वे टॉप पर बना हुआ है। अमरीका इस रिपोर्ट में 25वें, ऑस्ट्रेलिया 9वें, जपान 24वें, इसराइल 28वें और ब्रिटेन 14वें पायदान पर है।