बैन पर बोले खबीब– मैंने की अपने मजहब की हिफाजत, कोई फर्क नहीं पड़ता

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उसका घर वहां है जिसे यूरोप की सबसे ख़तरनाक जगह कहा जाता है. वो रूस के मुस्लिम बहुल पहाड़ी प्रांत दागेस्तान से आता है. और आज तक कोई भी उसे हरा नहीं पाया है. मिक्स्ड मार्शल आर्ट के विश्व विजेता कॉनर मेकग्रेगर को हराने वाले वाले 30 साल के मुसलमान लड़के ख़बीब नूर के बारे में इतना ही कहना काफ़ी है.

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एक दशक लंबे मिक्स्ड मार्शल आर्ट के करियर में आज तक किसी खिलाड़ी ने ख़बीब नूर को पछाड़ने की हिम्मत नहीं दिखाई है. कॉनर मैकग्रेगर को इस्लाम पर विवादित टिप्पणी को लेकर रिंग के बाहर पीटने वाले रूस के मार्शल आर्ट चैंपियन ख़बीब नूर मुहम्मदोफ़ ने साफ कर दिया कि उन्हे अपने किये पर कोई पछतावा नही है. चाहे उन पर प्रतिबंध ही क्यों नही लगा दिया जाये.

तुर्की के पीएन स्पोर्ट्स को साक्षात्कार देते हुए उन्होने कहा कि मैं गुनहगार नहीं हूं. मैंने अपने धर्म और अपने परिवार का बचाव किया. मैं इस मामले की सुनवाई के लिए होने वाली कार्यवाही में शामिल नहीं हूंगा. उन्हे जो कुछ करना है कर लें यदि वह मेरी फ़ीस काटना चाहते हैं तो काट लें. यदि वह चाहें तो दस साल तक मुझे मुक़ाबलों से दूर कर दें. मगर मैं पूरी तरह संतुष्ट हूं मैंने अपने धर्म और परिवार की रक्षा की.

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बता दें कि रूस के मिक्स्ड मार्शल आर्टिस्ट खबीब नर्मागोमेडोव ने आयरलैंड के कोनोर मैकग्रेगर को हराकर करियर का लगातार 27वां फाइट अपने नाम किया. इस ख़िताब पर कब्जा करने के साथ ही वह यूएफ़सी टाइटल जीतने वाले पहले मुसलमान खिलाड़ी बन गए हैं. मिक्स्ड मार्शल आर्ट के इतिहास में ये एक नया अध्याय जोड़ने जैसा था

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