उत्तर प्रदेश

बीजेपी MLA सेंगर : फिल्मों का खलनायक भी इस तरह खुलेआम क्राइम करने की सोच नहीं सकता

के सी बोकाड़िया की फिल्मों का खलनायक भी शायद फिल्मों में इस तरह खुलेआम क्राइम करने की सोच नहीं सकता था। कभी कभी जब फिल्मों में किसी दबंग खलनायक की ओर से एक के बाद गुंडई करता देखता था तो लगता था कि क्या सही में ऐसा समाज हो सकता है जहाँ ऐसी गुंडई हो। लेकिन सेंगर रेप केस ऐसी रियल कहानी है जो उन रील कहानी से भी अधिक भयावह है।

सोचिये एक रेप होता है। दबंग नेता पर आरोप लगता है उसके बाद लड़की का केस दर्ज करने से इंकार होता है। फिर जब वह आत्मदाह करने की कोशिश करती है तब केस दर्ज होता है। 

लड़की के पिता की कस्टडी में हत्या होती है, फिर एक गवाह की भी हत्या होती है। फिर उसके चाचा को जेल में ठूस दिया जाता है, बीच में हर दिन उसे खुलेआम धमकी मिलती है।

फिर कोर्ट में केस खुलने और गवाही से ठीक एक दिन पहले पीड़ित लड़की,उसकी मौसी और चाची को नंबर प्लेट को छिपाया हुआ एक ट्रक सुनसान सड़क पर ठोक देता है। चाची, मौसी मर गयी। लड़की नाजुक है,जीने की उम्मीद कम है।

अब सोचिये कौन हिम्मत करेगा कि इस केस में गवाही देने की। और जब गवाह ही नहीं होगा तो माननीय विधायक बाइज्जत बरी होंगे और क्या पता महिला बाल विकास मंत्री भी बन जाएं।

लालू के जंगलराज में भी कई घटनाएं होती थी लेकिन यह उन सबसे अधिक विभत्स और क़ानून का मजाक उड़ाने वाले है। और उसपर तुर्रा यह कि कल ही यूपी में सुधरे कानून व्यवस्था का डंका पीटा जा रहा है। ऐसा क्यों हो रहा है उसके पीछे हम आप भी दोषी हैं।

ये लेख वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र नाथ के फेसबुक पेज से साभार लिया गया है। ये लेखक के निजी विचार हैं।

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