बीजेपी के लिए क्यों इतने झुक रहे नीतीश कुमार, पीके तक को कर दिए कुर्बान !

0
114

बिहार में भाजपा और जदयू गठबंधन सत्ता में काबिज है, लेकिन प्रशांत किशोर लगातार नागरिकता कानून (सीएए) और नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ बयान दे रहे हैं. इसी पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने अमित शाह के कहने पर प्रशांत किशोर को पार्टी में शामिल किया था और अब अगर वे जाना चाहते हैं, तो जा सकते हैं. इसके जवाब में  किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को झूठा तक कह डाला.

प्रशांत किशोर ने अपने ट्वीटर हैंडल से मंगलवार की देर शाम ट्वीट करते हुए लिखा, ‘नीतीश कुमार, मुझे जद (यू) में क्यों और कैसे शामिल किया गया, इसपर झूठ बोलना दिखाता है आप गिर गए हैं. मुझे अपने जैसा बनाने की ये आपकी एक नाकाम कोशिश है. अगर आप सच बोल रहे हैं तो कौन यकीन करेगा कि आप में इतनी हिम्मत है कि आप उसकी बात नहीं सुनें जिसे अमित शाह ने आपकी पार्टी में शामिल करवाया.’

इससे पहले नीतीश ने कहा था कि अमित शाह ने मुझे कहा था कि प्रशांत को पार्टी में शामिल कर लीजिए. अब अगर वे जाना चाहते हैं, तो जा सकते हैं. लेकिन, अगर उन्हें जदयू के साथ रहना है, तो पार्टी की नीति और सिद्धांतों के मुताबिक ही चलना पड़ेगा. मुझे पता चला है कि पीके (प्रशांत किशोर) आम आदमी पार्टी के लिए रणनीति बना रहे हैं. ऐसे में अब उन्हीं से पूछना चाहिए कि वे जदयू में रहना चाहते हैं या नहीं.

बता दें कि प्रशांत किशोर के हाल के बयानों से कई बार जदयू को एनडीए में दुविधा का सामना करना पड़ा है. वो सीएए और एनआरसी को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं. 14 दिसंबर को प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी. इसके बाद भी उनके सुर नहीं बदले. हालांकि, सीएए को लेकर वे कुछ वक्त तक खामोश रहे, लेकिन एनआरसी के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहे.