बिहार के इस लाल ने साबित की कहावत- ‘एक बिहारी सब पर भारी’

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अगर मेहनत और किसी चीज़ को हासिल करने का जुनून हो तो कोई भी सपने को पूरा किया जा सकता है। बिहार की इस मिटटी से बहुत से ऐसे लोग हुए है जिन्होंने अपने संघर्ष और मेहनत के बदौलत आज पूरी दुनिया भर में बिहार का नाम रौशन किया है। बिहार के राकेश पांडेय ने भी कुछ ऐसी ही ज़िद की है की वो दुनिया के टॉप 100 आदमियों में से एक बनेंगे और वो अपने सपने को पूरा करने की राह पर चल चुके है।

राकेश पांडेय अपनी बीती ज़िन्दगी के बारे में बातये तो वो बिहार के मोतिहारी से है। वहीँ से अपनी स्कूलिंग करने के बाद उन्होंने मैट्रिक परीक्षा दी और फर्स्ट डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए पर फिर भी नंबर उतने नहीं थे कि पटना यूनिवर्सिटी के किसी कॉलेज में दाखिला हो सके इसलिए नया टोला में आरपीएस कॉलेज में दाखिला लेकर वहीँ एक लॉज में रहने लगे। लॉज में उनके साथ पटना साइंस कॉलेज के छात्र रहते थे। अच्छी दोस्ती हो जाने के बाद वो उनके साथ चुपके से कॉलेज में क्लास करने जाया करते थे और साथ ही उनके परिवार के एक करीबी प्रोफेसर भी थे तो उन्हें फ्री में ट्यूशन दे दिया करते थे।

परिवार की आर्थिक हालत ज़्यादा अच्छी नहीं थी और पटना में रहना बहुत महंगा था तो उन्होंने अपना जेब खर्च निकालने के लिए अख़बार बेचने से लेकर मौर्या होटल में वेटर तक का काम किया है। सुनकर थोड़ा ताज्जुब हो रहा होगा कि आज जो इंसान पूरी दुनिया भर के एक से बढ़कर एक पांच सितारा होटल में रह चूका है वो कभी मशहूर मौर्या होटल में वेटर का काम किया करता था। इसके बाद आगे की पढाई के लिए वो दिल्ली गए लेकिन वहां कॉरेस्पोंडेंस कोर्स में उन्हें दाखिला मिला।

कुछ समय बाद उनकी नौकरी एक मल्टीनेशनल कंपनी में छह हज़ार की सैलरी पर हुई और उन्हें ट्रेनिंग के लिए विदेश भेजा गया पर टैनिंग के कुछ समय बाद ही उनसे इस्तीफा मांग लिया गया पर वो इस्तीफा देने को तैयार नहीं थे तो कंपनी के मार्केटिंग हेड ने उनसे एक नयी कंपनी शुरू करने को कहा और उन्हें 50 लाख का आर्डर भी दिया। अब राकेश पांडेय की सैलरी 6 हज़ार से सीधा 50 लाख की हो गयी थी.

राकेश पांडेय की कहानी के ऐसे और भी बहुत सारे किस्से है जिसमे उन्होंने अपनी काबिलियत दिखाई है। इसके साथ ही साथ राकेश पांडेय कहते है कि भारत मेडिकल के मामले में पूरी दुनिया को पीछे छोड़ने वाला है। वो खुद भी कैंसर के इलाज के बारे में जांच करने के लिए पुरे मन से जुड़ गए है।