बाप ने रिक्शा चलाकर बेटी को पढ़ाया, वो भूखी रही पर ट्रेनिंग नहीं छोड़ी, बन ही गई एयरहोस्टेस

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सफलताओं के आसमान में कौन पंख फैलाकर नहीं उड़ना चाहता, ऐसा ही ख्वाब छोटे से गांव में रहने वाली भावना खन्ना ने भी देखा। भावना खन्ना बचपन से एयरहोस्टेस बनने का सपना देखा लेकिन भावना ऐसे तबके से आती है, जहां लड़कियों की शादी कम उम्र में ही कर दी जाती है।

भावना गरीब परिवार से थी, उनके पिता एक ऑटो रिक्शा चालक थे। मामूली कमाई से ही अपना घर का खर्च बड़ी मुश्किल से चला पाते थे। ऐसे में उनकी परिवार की हालत भावना को आसमान में उड़ने के सपने देखने की इजाजत नहीं दे रहे थे।

जब भी भावना आसमान की ओर मुंह कर हवाई जहाज को देखती, तो सोचती कि एक दिन ऐसा आएगा, जब मैं भी इस जहाज के जरिए आसमान में उड़ान भरुंगी। न सिर्फ भावना के परिवार वालों को बल्कि गांव वालों को भी एयरहोस्टेस का मतलब नहीं पता था।

एक दिन जब भावना के पिता ने एक सवारी तो हवाई अड्डा छोड़ा, तो एयरहोस्टेस के बारे में पूछा कि ये क्या होता है ?, उस सवारी ने एयरहोस्टेज के बारे में सब बताया। साथ में ये भी बताया कि इस फील्ड में लड़कियों के साथ यौन शोषण और शारीरिक उत्पीड़न जैसे काम भी होते हैं। ये सुनकर पिता भावना के एयरहोस्टेस बनने के सपने के खिलाफ हो गए।

लेकिन भावना के जिद के आगे पिता भी आखिर में झुक गए। पिता की सहमति पर ही भावना ने एयरहोस्टेस के लिए अप्लाई किया। इस दौरान भावना के सामने एक बड़ी मुश्किल भी आकर खड़ी हो गई। जिस दिन भावना का जॉब इंटरव्यू था, उसी दिन बोर्ड एग्जाम भी था। भावना ने बखूबी तरीके से इस मुश्किल का समाधान किया।

पहले वो बोर्ड एग्जाम देने गई और फिर एयरहोस्टेस के लिए इंटरव्यू देने गए। इस इंटरव्यू में भावना सेलेक्ट हो गई। लेकिन वहां फीस के तौर पर 50 हजार रुपए की डिमांड की गई। किसी तरह उनकी मां ने रिश्तेदारों से पैसों उधार लिए और फीस भरी।

मुंबई जाने के बाद वो पनवेल में अपने एक रिश्तेदार के पास रही। वो लोग झुग्गी-झोपड़े में रहते थे। यहां भावना को कई दिन तक तो खाना ही नहीं मिल पाता था। आखिर में भावना की मेहनत रंग लाई और वो इंडियन एयरलाइन्स में एयरहोस्टेस बन गई।