उत्तर प्रदेश

बसपा बैठक में ऐसा क्या बोलीं मायावती, जो पहले ही जमा करा लिए नेताओं के फोन और पेन

मायावती ने आज लखनऊ में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक बुलाई. इसमें सबसे अहम बात यह है कि देशभर के छोटे बड़े आए पदा​धिकारियों के फोन और पेन के साथ उनकी गाड़ी की चाभी जमा करा ली गई है. बैठक से पहले ही यह प्रक्रिया लिखित रूप में की गई है. लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ चुनाव में उतरीं मायावती को हार का सामना करना पड़ा. इससे वह अपनी हार को पचा नहीं पा रही हैं. अगले वर्ष तक महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, बिहार व पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के चुनाव संभावित हैं.

लोकसभा चुनाव 2019 में समाजवादी पार्टी व राष्ट्रीय लोकदल के साथ गठबंधन के बाद बसपा ने दस सीट जीते हैं. अब बहुजन समाज पार्टी की निगाह विधानसभा उपचुनाव पर है. उत्तर प्रदेश में 12 विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं. इस उपचुनाव में वह अकेले मैदान में उतरने के लिए ही अपनी तैयारी कर रही हैं. उन्होंने चुनाव के ठीक बाद यह बात कह दी थी कि आगे वह अकेले ही सभी चुनाव लड़ेंगी. बसपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक भी प्रस्तावित है जिसमें मायावती अहम फैसले कर सकती हैं.

लेकिन आज उनकी पार्टी की बैठक में केवल मंथन किया जा रहा है. इस अहम बैठक में देशभर के पदाधिकारी बुलाए गए हैं. बसपा का मिशन होगा कि कैसे अपने एकदम खो चुके जनाधार को पाया जा सके. बसपा ​मुखिया हर पदाधिकारी से बात करेंगी और जानना चाहेंगी कि उसकी पार्टी कैसे शीर्ष पद पर पहुंचे. मायावती 2022 के विधानसभा चुनाव सभी 403 सीटों पर लड़ने के लिहाज से तैयारी का संदेश देते हुए संगठन पुनर्गठन व जनाधार विस्तार के भी दिशानिर्देश दे चुकी हैं.

लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद प्रदेशस्तर की बैठक तो पहले ही की जा चुकी है, अब इसमें दूसरे राज्यों के भी पदाधिकारी मौजूद हैं. लोकसभा चुनाव में पार्टी ने ज्यादातर राज्यों में प्रत्याशी उतारे थे लेकिन उत्तर प्रदेश की दस सीटों के अलावा उसे कहीं सफलता नहीं मिली है. पार्टी का प्लान बाहर न जाए और बैठक की गोपनीयता बनी रहे, इसीलिए मायावती ने बैठक को गोपनीय बना रखा हैै.

 

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