बड़ा सवाल : मौत के 1 घंटा पहले ही इंटरनेट पर किसने डाली सुशांत के सुसाइड की खबर?

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सोशल मीडिया पर सुशांत सिंह राजपूत के विकिपीडिया पेज को उनकी मौत से पहले ही एडिट किए जाने की बात चल रही है। उनकी मौत के दो हफ्ते बाद लोगों ने स्क्रीनशॉट्स शेयर कर के दावा किया है कि उनके विकिपीडिया पेज को पहले ही एडिट कर लिया गया था कि उन्होंने आज आत्महत्या कर ली है, जबकि उस समय ये ख़बर आई भी नहीं थी। लोग पूछ रहे हैं कि आख़िर वो ‘भविष्यवेत्ता’ था कौन?

प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर कहा है कि इस मामले में बड़ी गड़बड़ सामने आ रही है क्योंकि जून 14, 2020 को 9 बजकर 08 मिनट पर ही विकिपीडिया एडिट कर दिया गया था कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत हो गई है। इस मामले में अब सीबीआई जाँच की माँग भी तेज़ हो गई है। ‘न्यूज़ 18’ की ख़बर के अनुसार, मुंबई पुलिस ने अपने साइबर सेल को इस मामले की जाँच सौंप दी है। बता दें कि उसी दिन सुबह 10 बजे के बाद उनकी आत्महत्या करने की बात पता चली थी।

ट्विटर पर लोगों का कहना है कि सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या की ख़बर दोपहर 1 बजे के बाद ही मीडिया में आई थी, ऐसे में किसी के द्वारा उनका विकिपीडिया पेज उपडेट कर दिया जाना किसी बड़ी साज़िश की ओर इशारा कर रहा है। मुंबई पुलिस इसकी पड़ताल में लगी हुई है। लोगों ने सुशांत सिंह राजपूत का विकिपीडिया पेज एडिट करने वालों का आईपी एड्रेस भी शेयर किया। हालाँकि, एडिट करने वाले यूजर की पहचान स्पष्ट नहीं है।

जो स्क्रीनशॉट्स शेयर किए जा रहे हैं, उनमें किसी यूजर द्वारा पेज को एडिट किए जाने वाली बात दिख रही है। मुंबई पुलिस ने पंचनामा और पोस्टमॉर्टम के हवाले से बताया है सुशांत सिंह राजपूत जून 14 को लगभग 9 बजकर 30 मिनट पर बाहर आए थे। इसके बाद उन्होंने जूस पिया और क़रीब 10 बजे के आसपास अपने कमरे में चले गए। जबकि आत्महत्या वाला एडिट इससे पहले का ही बताया जा रहा है।

बता दें कि विकिपीडिया पन्नों को बदलना बहुत कठिन नहीं है। किसी भी पन्ने को बदलने के लिये ‘Edit This Page’ विकल्प को क्लिक किया जाता है। यह यूजर को एक नये पन्ने पर ले जाता है, जहाँ वो एक टेक्स्ट बॉक्स में उस विकी पेज के लेख को बदल सकता है। उसमें टाइप कर के बदलाव किया जाता है। एडिट बॉक्स के नीचे सारांश (Summary) में अपने बदलाव का छोटे में सार लिखने की व्यवस्था है और ‘Save The Change’ (सेव) बटन को दबाते ही वो एडिट हो जाता है। यूजर बदलाव सुरक्षित करने के पहले अपने परिवर्तनों की झलक देखने के लिये ‘See Preview’ बटन का उपयोग भी कर सकते हैं।

बता दें कि इससे पहले कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार ने भी सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले की सीबीआई जाँच कराने की माँग की थी। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष रहे मनोज तिवारी ने उनके परिजनों से मुलाकात के बाद इसी प्रकार की माँग की थी। बिहार के सभी दलों के नेताओं द्वारा ऐसे बयान देने का मतलब है कि उन्होंने जनता की नब्ज को पहचाना है और जनता सुशांत की मौत से सच में व्यथित है।