बंगाल में कोरोना : सबसे बुरे दौर में पहुंची महामारी, 7303 लोगों में संक्रमण, मौत हुईं रिकॉर्डतोड़

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पश्चिम बंगाल में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का संक्रमण काफी तेजी से बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में शुक्रवार को अब तक के सर्वाधिक 427 नए मामले सामने आए। गुरुवार को संक्रमण का आंकड़ा 368 था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार राज्य में 24 घंटे के बीच 11 लोगों की मौत कोरोना से हुई है। इसके साथ ही राज्य में महामारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 294 हो गई। राज्य में अब तक 7,303 लोग महामारी की चपेट में आ गए हैं। इनमें से 2,912 लोग स्वस्थ होकर घरों को लौटे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य में कोविड-19 सैंपल टेस्ट की संख्या में तेजी लाने के कारण संक्रमित लोगों की संख्या भी बढ़ रही है।

कोलकाता में सबसे अधिक संक्रमण
स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि महानगर कोलकाता में कोरोना संक्रमण की संख्या सबसे अधिक 2,589 है। कोरोना मौत के मामले में भी कोलकाता आगे रहा है। महानगर में अब तक 186 लोग महामारी से जान गंवा चुके हैं। राज्य में कोमॉरबिडिटी से मरने वालों की संख्या 72 है। इनमें अकेले कोलकाता के 52 लोग शामिल है। कोरोना संक्रमण के दौरान सरकारी क्वॉरेंटाइन सेंटरों में फिलहाल 23,077 और होम क्वॉरेंटाइन में 1,39,624 लोग हैं। इनमें से अधिकांश दूसरे राज्यों से लौटने वाले प्रवासी मजदूर हैं।
 
दूसरे नंबर पर हावड़ा
संक्रमण के दृष्टिकोण से दूसरे नंबर पर रहे हावड़ा में अब तक 1,326 लोग महामारी की चपेट में आए हैं। कोरोना जांच की गति तेज होने का दावा करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि केवल 1 दिन में 9,686 लोगों के सैंपल टेस्ट किए गए। राज्य में अब तक कुल 2 लाख 51 हजार 517 लोगों के सैंपल टेस्ट हो चुके हैं। राज्य में फिलहाल 42 प्रयोगशालाओं में कोरोना जांच की जा रही है।
  
कोरोना के मामले बेतहाशा बढ़े
बीते कुछ दिनों में प्रदेश में कोरोना के मामले बेतहाशा बढ़े हैं। तीन दिन लगातार 24 घंटे में कोरोना मरीजों की संख्या 300 पार होने के बाद 4 दिन के अंदर प्रदेश में हजार कोरोना मरीजों की बढ़ोतरी हुई है। बताया जा रहा है कि प्रदेश में आए अम्फान तूफान के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग में दी गई छूट और प्रदेश में प्रवासी मजदूरों की वापसी की वजह से मामले तेजी से बढ़े हैं। इसके अलावा लॉकडाउन में धीरे-धीरे दी जाने वाली छूट भी इसके लिए जिम्मेदार है।

महामारी का सबसे बुरा दौर
प्रदेश में कोरोना टेस्टिंग की संख्या भी धीरे-धीरे बढ़ाई जा रही है। विशेषज्ञों ने कहा कि प्रवासी मजदूरों और लॉकडाउन में मिलने वाली छूट से प्रदेश में अभी कोरोना और बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि बाहर से आए ऐसे बहुत से लोग हैं, जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे थे। ये लोग जब स्वस्थ्य लोगों से मिलेंगे और उनके बीच रहेंगे तो संक्रमण का तेजी से प्रसार बढ़ेगा। विशेषज्ञों ने कहा कि यह महामारी का सबसे बुरा दौर है।