छोटा पर्दा

फिर से वायरल हुआ महाभारत का ये वीडियो, जब रोया था सीरियल का हर सितारा

सीरियल ‘महाभारत’ को दोबारा टीवी पर दिखाया जा रहा है। कोरोनावायरस के चलते हुए लॉकडाउन के समय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसके प्रसारण की अनुमति दी जिसके बाद 28 मार्च से सीरियल दोपहर 12 बजे और शाम 7 बजे टीवी पर प्रसारित किया जा रहा है। सरकार के इस फैसले से आम जनता काफी खुश है और सोशल मीडिया पर अपनी खुशी भी जाहिर कर रही है।

इस बीच 1988 से 1990 के दौरान दूरदर्शन पर टेलीकास्ट हुए इस के रैपअप की एक वीडियो क्लिप भी वायरल हो रही है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि फाइनल एपिसोड के बाद जब सभी स्टार्स ने एक-दूसरे से विदाई ली तो वे कैसे फफक-फफक कर रो पड़े थे। अर्जुन का रोल करने वाले फिरोज खान, कृष्ण बने नितीश भारद्वाज से भीष्म का रोल करने वाले मुकेश खन्ना तक सभी की आंखें सीरियल के रैपअप के दौरान नम थी। शो के डायरेक्टर रवि चोपड़ा भी इस मौके पर उदास नजर आए। वहीं, द्रौपदी का रोल करने वाली रूपा गांगुली को अर्जुन यानी फिरोज खान के आंसू पोंछते देखा जा सकता है।

बता दें कि बीआर चोपड़ा द्वारा निर्देशित इस टीवी सीरीज की मेकिंग में तकरीबन 9 करोड़ रु. खर्च हुए थे। बी आर चोपड़ा की टीम ने 1986 में दूरदर्शन को 104 एपिसोड्स की फाइनल स्टोरी लाइन भेजी थी जिसे बाद में कट करके 94 एपिसोड्स पर फाइनल किया गया था। इस प्रोजेक्ट में रवि चोपड़ा ने पिता बीआर चोपड़ा का साथ दिया था।

इस ऐतिहासिक टीवी सीरीज का हिस्सा बनने के लिए तकरीबन 15000 लोगों ने अलग-अलग रोल के लिए ऑडिशन दिया था। गुफी पेंटल जिन्होंने महाभारत में शकुनी का किरदार निभाया था, वह इसके कास्टिंग डायरेक्टर भी थे। उन्हें कास्ट फाइनल करने में तकरीबन 8 महीने का समय लगा था।

कृष्ण के रोल के लिए 55 से ज्यादा स्क्रीन टेस्ट हुए थे और इसके लिए गजेंद्र चौहान (जिन्होंने युधिष्ठिर का किरदार निभाया था) और ऋषभ शुक्ला (जो शांतनु बने थे) के नामों पर विचार किया गया था। लेकिन नितीश भारद्वाज को यह रोल इसलिए मिला था क्योंकि रवि चोपड़ा को लगा कि उनकी मुस्कान कृष्ण के किरदार के लिए बिलकुल परफेक्ट थी।

द्रौपदी के रोल के लिए जूही चावला से लेकर राम्या कृष्णन सहित छह अन्य एक्ट्रेसेस के नामों पर विचार हुआ था। जूही यह रोल इसलिए नहीं कर पाईं क्योंकि वह एक फिल्म साइन कर चुकी थीं। इसके बाद रूपा गांगुली को कास्ट कर लिया गया क्योंकि उनकी हिंदी अच्छी थी।

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