राजनीति

पाकिस्तान को फकीर बना देगा भारत, मोदी के मास्टरप्लान की हुई शुरुआत

पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों पर आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को देश दुनिया से अलग थलग करने की कवायद तेज हो गई है। पाकिस्तान की कमर तोड़ने में भारत कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता है। सीमा शुल्क बढ़ाने के बाद भारत ने पाकिस्तान की आर्थिक दुर्गती करने में जुट गया है। भारत अगले सप्ताह पेरिस में होने वाली एफएटीएफ मीटिंग में पाकिस्तान को ब्लेकलिस्ट कराने की मांग करेगा। इसके संबंध में भारत डोजियर सौंपेगा। फिलहाल एफएटीएफ की ब्लेकलिस्ट में ईरान और उत्तर कोरिया का नाम दर्ज है।

भारत ने पुलवामा आतंकी हमले के विरोध में पाकिस्तान के खिलाफ डोजियर तैयार कर लिया है। भारत इसे फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स की अगली सालाना मीटिंग में सौंपकर ब्लेकलिस्ट कराने की मांग करेगा। फाइनैंशियल ऐक्शन टास्क फोर्स वह संस्था है जो आतंकियों की आर्थिक मदद और मनी लांड्रिंग के खिलाफ काम करती है।

गौरतलब है कि एफएटीएफ ने पिछले साल ही पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में शामिल किया था। अगर भारत पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को ब्लेकलिस्ट कराने में सफल होता है तो आर्थिक आधार पर पाक की हालत खराब हो जाएगी। फाइनैंशियल ऐक्शन टास्क फोर्स द्वारा ब्लेकलिस्ट किए जाने का मतलब होता है पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर कर्ज मिलना मुश्किल हो जाएगा।

इससे पहले भारत ने पाक से आयात होने वाली चीजों पर 200 फीसदी सीमा शुल्क लगाने का फैसला किया था। कश्मीर में अलगाववादियों को मिलने वाली सुरक्षा भी भारत ने वापस ले ली है।

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