क्राइमदेश

न मिला खाना और न मिली दवा, दिल्ली सरकार के क्वारंटाइन सेंटर में तब्लीगी की मौत

राजधानी दिल्ली के सुल्तानपुरी क्वारंटाइन सेंटर में बुधवार सुबह एक कोरोना संदिग्ध की मौत हो गई। वह तमिलनाडु का रहने वाला था और तबलीगी जमात में शामिल हुआ था। इसके बाद क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे अन्य जमातियों ने विरोध कर अपना गुस्सा प्रकट किया। क्वारंटाइन सेंटर में साथ रह रहे लोगों का आरोप है कि वह डायबिटीज का रोगी था। खाना नहीं मिलने से उसकी मौत हुई है। वहीं, जिला प्रशासन ने आरोपों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि वह अस्पताल से कुछ दिन पहले ही शिफ्ट किया गया था। उसकी कोरोना जांच रिपोर्ट नहीं आई है।

क्वारंटाइन सेंटर में रहे इब्राहिम के मुताबिक मृतक का नाम मो. मुस्तफा है। वह डायबिटीज के मरीज थे। उनकी तबीयत बीते कुछ दिनों से खराब चल रही थी। मगर बार-बार कहने के बाद उन्हें अस्पताल नहीं ले जाया गया।

उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह भी उनकी हालत बिगड़ी तो हम साढ़े सात बजे से लेकर 11 बजे तक उनसे मदद मांगते रहे मगर खाना तक नहीं मिला। इब्राहिम की मानें तो मुस्तफा की जांच पहले ही हो चुकी है रिपोर्ट निगेटिव आई है।

तुगलकाबाद एक्सटेंशन में एक ही गली में 38 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आशंका जताई है कि संक्रमण फैलाने के जिम्मेदार जमाती युवक हैं। इस इलाके में जिस दुकानदार को सबसे पहले संक्रमित पाया गया था, उनकी दुकान में काम करने वाले दो युवक उसी दिन से गायब हैं।

आशंका है कि दोनों तबलीगी जमात से जुड़े थे और दुकानदार के कोरोना संक्रमित पाए जाने बाद से ही लापता हैं।

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