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धारा 370 पर जो बोले बाबासाहेब के पोते प्रकाश आंबेडकर, वो अमित शाह को पसंद न आए

जम्मू कश्मीर में धारा 370 रद्द करने के मामले में केंद्र सरकार की भूमिका पर संदेह व्यक्त करते हुए वंचित बहुजन आघाड़ी के नेता और संविधान रचयिता बाबासाहेब आंबेडकर के पौत्र प्रकाश आंबेडकर ने भी अपनी राय रखी है. प्रकाश आंबेडकर ने कहा है कि संसद में रखे गए विधयेक से कई आशंकाएं सामने आ रही है. लग रहा है कि सरकार ने अपना एजेंडा पूरा करने के लिए पीओके अर्थात पाक अधिकृत कश्मीर को पाकिस्तान के लिए छोड़ दिया है. नियंत्रण रेखा को लेकर भी ताजा स्थिति का खुलासा करने की मांग उन्होंने की है.

उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के संविधान के अनुसार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के लिए भी विधानसभा की सीट आरक्षित रखी जाती थी. उम्मीद थी कि कभी न कभी पीओके भारत में पूरी तरह से शामिल होगा. उससे देश का संबंध था. केंद्र सरकार ने धारा 370 रद्द करके पीओके से भारत का संबंध समाप्त करने का काम किया है. इस संबंध में गृहमंत्री अमित शाह ने भी संसद में अपनी भूमिका साफ नहीं की है. इससे यही लगता है कि पीओके से संबंध समाप्त हो गया है.

आंबेडकर ने कहा कि जम्मू कश्मीर को लेकर शुरुआत से ही विवादित स्थिति रही है. उसके लिए कई बार लड़ाई लड़ी गई है. पीओके और जम्मू कश्मीर के बीच एक नियंत्रण सीमा रेखा है. शिमला करार और उससे पहले के करार के अनुसार नियंत्रण रेखा सीमा रेखा नहीं मानी जाती थी. धारा 370 रद्द होने से नियंत्रण रेखा व जमीन का प्रश्न निर्मित हुए है. सरकार को खुलासा करना चाहिए कि नियंत्रण रेखा अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण सीमा रेखा तय तो नहीं की गई है. नियंत्रण रेखा, अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा होने की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है. इस संबंध में वास्तवितकता का खुलासा सरकार ने करना चाहिए.

वो बोले कि एक प्रश्न हल करने के लिए सरकार ने अनेक प्रश्नों को जन्म देने का काम किया है. अमरिका अफगानिस्तान से दूर होने की तैयारी में है. उसकी सुरक्षा पर हाेनेवाले खर्च की बचत करना है. अमेरिका के राष्ट्राध्यक्ष ट्रंप ने पहले ही इस संबंध में संकेत दिया है. ऐसे में यह भी सवाल उठने लगता है कि कहीं सरकार अमेरिका के इशारे पर जम्मू कश्मीर का विभाजन तो नहीं कर गई. जम्मू कश्मीर में लिए गए निर्णय से भूमाफियाओं को लाभ मिलनेवाला है. डॉ.बाबासाहब आंबेडकर ने धारा 370 को विरोध किया था, लेकिन उस समय स्थिति अलग थी. अब स्थिति बदली है.

 

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