उत्तर प्रदेश

देश की हर राजधानी से रामभक्त पहुंचेंगे सीधे अयोध्या, रेलवे के रामपथ पर ये रहेगा ट्रेन शेड्यूल

लखनऊ. अयोध्या में श्रीराम जन्म भूमि पर बन रहा भव्य मंदिर देश भर के लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। श्रीराम जन्म भूमि के दर्शन के लिए रेलवे से देशभर के लोग स्पेशल ट्रेन की मांग कर रहे हैं। कोरोना के डर पर भी आस्था भारी पड़ रही है। इसी को देखते हुए देश में आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रही अयोध्या के लिए रेल मंत्रालय ने भारत दर्शन ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इस साल मार्च में जो रामायण यात्रा शुरू न हो सकी, उसी को नए स्वरूप में अगले महीने से चलाया जाएगा। रेलवे ने इस यात्रा के स्वरूप में हुए बदलाव की वजह से ही इसका नाम रामायण से बदलकर श्रीराम पथ यात्रा और राम जन्मभूमि स्पेशल टूरिस्ट ट्रेन रखा दिया है। यह ट्रेन नवंबर से चलना शुरू हो जाएगी। श्रीराम पथ यात्रा टूरिस्ट ट्रेन देश की सभी राजधानी वाले शहरों से अयोध्या को सीधे जोड़ेगी और भक्त इस ट्रेन के माध्यम से राम नगरी पहुंच सकेंगे।

कोरोना के चलते बदलाव

आपको बता दें कि रेल मंत्रालय ने श्री रामायण एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की योजना बनायी थी। इसकी शुरुआत 28 मार्च को होनी थी। ट्रेन में बुकिंग भी फुल हो चुकी थी और इसे अयोध्या, सीतामढ़ी होकर नेपाल के जनकपुर, चित्रकूट, नासिक, रामेश्वरम होकर कोलंबो तक जाना था। लकिन कोरोना के चलते रामायण यात्रा पर रोक लग गई। अब कोरोना के चलते भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईरसीटीसी) ने श्री रामायण यात्रा को नए रूप में चलाने का फैसला लिया है। एसी बोगियों की जगह स्लीपर वाली भारत दर्शन ट्रेन को रामपथ पर दौड़ाया जाएगा। रामायण यात्रा के पड़ाव में सीतामढ़ी, जनकपुर और रामेश्वरम के साथ कोलंबो को कोरोना के चलते हटाया गया है।

रामपथ पर ऐसे चलेंगी ट्रेनें

आईआरसीटीसी की श्रीराम पथ अयोध्या से चित्रकूट पहली टूरिस्ट ट्रेन देहरादून से 12 दिसंबर को चलेगी। यह ट्रेन 13 दिसंबर को लखनऊ होकर अयोध्या पहुंचेगी। यहां सरयू तट की शाम की आरती, मंदिरों का भ्रमण के बाद अगले दिन नंदीग्राम के दर्शन के बाद शाम को प्रयाग रवाना होगी। प्रयाग से ट्रेन चित्रकूट जाएगी और से 16 दिसंबर की शाम देहरादून को रवाना होगी। दूसरी ट्रेन हरिहर गंगे/राम जन्म भूमि स्पेशल टूरिस्ट ट्रेन गुजरात के राजकोट से 23 नवंबर को चलेगी। यह ट्रेन भी अयोध्या, वाराणसी, पुरी, गंगा सागर, गया, उज्जैन, कोलकाता होते हुए चार दिसंबर को वापस लौटेगी। इन्हीं ट्रेनों से भक्त सभी धार्मिक स्थलों का दर्शन कर सकेंगे।

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