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तनुश्री केस: 2008 से नाना पर पुलिस मेहरबान, अब पुरानी FIR की भी होगी जांच

बॉलीवुड अभि‍नेत्री तनुश्री दत्‍ता ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अभ‍िनेता नाना पाटेकर पर शोषण का आरोप लगा कर सनसनी मचा दी है। तनुश्री ने एक इंटरव्‍यू में 2008 की एक घटना का जिक्र किया था जब उनके साथ नाना पाटेकर ने गलत व्यवहार किया था। तनुश्री उस वक्‍त फ‍िल्‍म हॉर्न ओके प्‍लीज की शूट‍िंग कर रही थीं। इस फिल्‍म में जहां नाना लीड रोल में थे, वहीं तनुश्री दत्ता ने एक आइटम सॉन्‍ग किया था। इस पूरी घटना के तनुश्री दत्ता दत्ता के ब्यान पर उस वक़्त मुंबई पुलिस ने एक एफआईआर भी दर्ज की थी। लेकिन उस एफआईआर में कई ऐसी बातें हैं जो मुंबई पुलिस पर भी सवाल कड़ी करती है कि, क्या नाना पाटेकर को साल 2008 में खुद मुंबई पुलिस ने बचाया था ?

हमारे पास तनुश्री दत्ता दवरा फ़ाइल किया गया वो एफआईआर की कॉपी लगी है। जिसमे एक्ट्रेस ने अपने साथ हुई हर घटना को बड़े सिलसिलेवार तरीके से बयान किया था। लेकिन हैरान करने वाली खबर ये है की जिस नाना के खिलाफ एक्ट्रेस ने आरोप लगाया था उस एफआईआर में खाएं भी नाना को आरोपी बनाया ही नहीं गया है। और तो और इस पूरे मामले की तफ्तीश भी आगे पुलिस ने कभी नहीं की।

साल 2008 की इस घटना के बाद मामले में एफआईआर तनुश्री दत्ता के पिता तपन कुमार पीडी दत्ता ने कराया था। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया था की जब वो घर पर थे तब उनकी बड़ी बेटी तनुश्री का उनको फोन आया था। तनुश्री ने उन्हें बताया था की जब फिल्म की शूटिंग कर रहे थे तब नाना पाटेकर ने उनके डांस सीक्वेंस में बदलाव करते हुए ऐसे स्टेप डाले जो आपत्ति जनक थे जब मैंने इसका विरोध किया तो नाना ने मुझे गलत तरीके से छुआ। जब मैंने डांस मास्टर गणेश आचार्य और प्रोड्यूसर सामी सिद्दीक़ी से इसकी शिकायत की तो किसी ने मेरी मदद नहीं की।

फिर मैं अपनी वैनिटी में का कर बैठ गयी, मगर कुछ ही देर में वहां भीड़ जमा हो गयी। कोई मेरा वैनिटी पीटने लगा तो कोई बाहर से चिल्लाने लगा। मैंने अपने पिता को फ़ोन किया तो वो मुझे लेने आये। और जब मैं वहां से निकलने लगी तो मीडिया ने मुझे घेर लिया।देखते ही देखते सब बेकाबू हो गए और मेरे ऐसे बेहद बदसलूखी के साथ बर्ताव किया गया।

इस पूरे एफआईआर से एक बात तो साफ़ है की अपनी शिकायत में एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर के इलावा तीन और लोगों की नाम लिया था। और उनके बयान के आधार पर ये मामला सीधा यौन उत्पीड़न का था। लेकिन गोरेगाव पुलिस ने अपने एफआईआर में कहीं भी नाना को तो दूर दूसरे लोगों को आरोपी तक नहीं बनाया। पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की उसमे शिकायत उन मीडियाकर्मियों के खिलाफ ली गयी जिससे तनुश्री दत्ता का झगड़ा हुआ था।

दोबारा एफआईआर की जांच होगी

अब जब पुराना मामला सामने आया तो मुंबई पुलिस की ये दलील है की उस वक़्त के सभी अधिकारी या तो ट्रांसफर हो गए हैं या फिर रिटायर हो गए हैं। लेकिन फिर भी पुलिस अब एक बार फिर इस पूरे प्रकरण का दुबारा से जांच करेगी।

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