ड्रैगन का डबल गेम : पैंगोंग के उत्तरी किनारे पर निर्माण, दक्षिणी किनारे पर सैन्य जमावड़ा.. क्या है इरादा?

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नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख (Ladakh ) क्षेत्र की सैटेलाइट तस्वीरों से मालूम चल रहा है कि पैंगोंग झील (Pangong Lake ) के उत्तरी किनारे पर चीनी निर्माण गतिविधि चल रही है. साथ ही झील के दक्षिणी किनारे पर वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास नई चीनी चौकियों का निर्माण किया जा रहा है. ये वही जगह है जहां भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है.

मीडिया को हासिल तस्वीरें जो यहां प्रस्तुत की गई हैं , पैंगोंग झील के दोनों किनारों पर विवादित क्षेत्र के एक सीमित क्षेत्र को ही दिखाती हैं और पूरे क्षेत्र को प्रस्तुत नहीं करती हैं.

पैंगॉन्ग के उत्तरी किनारे की तस्वीरों में फिंगर 5 क्षेत्र में चीनी निर्माण गतिविधियां देखी जा सकती हैं. लेकिन फिंगर 4 में निर्माण गतिविधि को फिर से शुरू करने का कोई प्रयास नहीं किया गया है जहां से चीनी सेना पिछले कुछ महीनों में सैन्य वार्ता के बाद आंशिक रूप से पीछे हट गई है. हालांकि, यह माना जा रहा है कि चीनी सेना ने इस क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ-साथ रिज-लाइन को आगे बढ़ाने के लिए अपने जमीनी स्थिति को मजबूत किया है. इस रिपोर्ट में दिखाई गई तस्वीरों में इन जगहों पर कब्जा नहीं किया गया है.

.मई की शुरुआत से ही चीनी सेना ने भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों को पैंगोंग झील के उत्तरी तट पर फिंगर 4 और फिंगर 8 के बीच के क्षेत्र में गश्त करने से रोका है.भारतीय बलों ने परंपरागत रूप से फिंगर 8 तक गश्त की है जहां भारत का मानना ​​है कि एलएसी है. चीन जोर देकर कहता है कि LAC फिंगर 4 पर स्थित है और इस क्षेत्र पर अपना हक मानता है. फिंगर 4 और फिंगर 8 के बीच का क्षेत्र विवादित है. मई की शुरुआत से फिंगर 4 और फिंगर 8 के बीच चीन लगातार सक्रिय है.

पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे के पास वास्तविक नियंत्रण रेखा से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर चीनी ट्रक और तंबु मौजूद हैं. ये शिविर भारतीय सेना की एक पोजीशन ठाकुंग के आसपास के क्षेत्र में हैं.

दक्षिण पैंगॉन्ग में भारतीय और चीनी दोनों पोजीशन का बड़ा हिस्सा पश्चिम की ओर, रिज-लाइनों पर या स्पैंग्गुर त्सो झील के पास घाटियों के साथ स्थित है. जबकि भारत रिज-लाइनों पर प्रमुख स्थान रखता है जो इसे एक सामरिक बढ़त प्रदान करते हैं. इन रिज के साथ घाटी में सैकड़ों चीनी टेंटों की उपस्थिति है. सूत्रों ने मीडिया  को यह भी बताया कि भारत और चीन दोनों ने इस क्षेत्र में टैंक तैनात किए हैं. एक बड़े संघर्ष की स्थिति में दोनों पक्षों ने तोप और रॉकेट भी तैनात किए हैं.

बुधवार को, भारतीय सेना ने मुखपारी में सेना की स्थिति के निकट भाले से लैस चीनी पैदल सेना के सैनिकों की तस्वीरें जारी की. इन सैनिकों को चेतावनी दी गई थी कि एलएसी पार करने के किसी भी प्रयास का बल के साथ विरोध किया जाएगा. पीछे हटते हुए एक चीनी सैनिक ने हवा में कुछ राउंड फायरिंग की जो कि 45 वर्षों में चीन की सीमा के साथ पहली गोलाबारी की घटना है.