उत्तर प्रदेश

जो BJP ‘आरक्षण’ को खत्म करना चाहती है वो आरक्षण क्या देगी ?

लोकसभा चुनाव में 100 दिन से भी कम वक़्त बचा हुआ है। ऐसे में मोदी सरकार ने जनता से एक नया वादा कर दिया है। वादा है आर्थिक रूप से कमज़ोर सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण देने का।

कैबिनेट मीटिंग में इस फैसले पर मुहर लग चुकी है। कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल इसपर अलग राय है मगर सभी राजनीतिक दल मोदी सरकार की मंशा पर सवाल कर रहे है।

टीवी डिबेट में बहुजन समाज पार्टी के प्रवक्ता सुधींद्र भदौरिया ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि इन्हें किसी की परवाह नहीं है। भदौरिया ने कहा कि जो आरक्षण की समीक्षा और उसे ख़त्म करने की बात करते है वो किसी के लिए अच्छा नहीं कर सकते ये सिर्फ जुमला देते है।

भदौरिया ने कहा कि भाजपा डरी हुई है, पहले इन्होंने सीबीआई की मदद ली जब उससे बात नहीं बनी तो इन्होने सोचा कि चुनाव की संध्याबेला पर एक नया जुमला कस दें। क्योंकि इन्होने न ही दलितों के लिए कुछ किया न पिछड़ों के लिए कुछ किया और न ही सवर्णों के लिए कुछ भी करना चाहते है।

बसपा प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि अगर इनकी मंशा सही होती तो जब ये चार साल से ज्यादा सरकार में आए थे और बसपा सुप्रीमो मायावती ने तभी सवर्णों को आरक्षण देने की बात भी कही और इस मामले पर केंद्र को चिट्टी भी लिखी थी।

मगर बीजेपी की मंशा ही नहीं है कुछ करने की, जिस तरह से मोहन भागवत कहते है कि हमें आरक्षण की नीति पर ही फिर से विचार करना चाहिए हम आरक्षण ख़त्म करना चाहते है।

ये कुछ देंगें नहीं सिर्फ जनता को जुमले देंगें और गुमराह करने की कोशिश करेंगें मगर अब ये डूबने वाले है इससे कोई सहारा नहीं मिलने वाला है।

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