जिस वायरस ने पूरी दुनिया में मचाया तहलका, उसका नाम क्यों है कोरोना?

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चीन से शुरू हुआ कोरोना वायरस आज पूरी दुनिया में फैलता जा रहा हैं। दुनिया के 186 देश इस वायरस की चपेट में आगे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस कोरोना वायरस का नाम कोरोना क्यों रखा गया हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।
कोरोना ही नाम क्यों रखा गया है?
किसी भी वायरस का नाम इंटरनेशनल कमिटी ऑन टैक्सोनॉमी ऑफ वायरस (ICTV) द्वारा रखा जाता हैं. दवाओं के विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए उनके आनुवंशिक संरचना के आधार पर किसी वायरस का नाम रखा जाता है. वायरोलॉजिस्ट और अन्य वैज्ञानिक समुदाय इस काम को करते हैं.
कोरोना शब्द का लैटिन भाषा में मतलब होता है क्राउन या मुकुट. ‘कोरोना’ प्लाज्मा की एक आभा को भी कहा जाता है जो सूर्य और अन्य सितारों के चारों ओर होती है. सूर्य का कोरोना बाहरी अंतरिक्ष में लाखों किलोमीटर तक फैला होता है और इसे सबसे आसानी से पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान देखा जाता है, लेकिन इसे कोरोनोग्राफ की मदद से भी साफ-साफ देखा जा सकता है.
जब वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस को इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप के जरिये देखा तो उन्हें वायरस, क्राउन या सूर्य के करॉना जैसा दिखाई दिया. दरअसल, यह वायरस गोल है और इसकी सतह पर सूर्य के करॉना की तरह प्रोटीन की स्टेन्स यानी शाखाएं उगी हुई हैं; जो हर दिशा में फैलती हुई महसूस होती हैं ठीक जैसी कि सूर्य की आभा की किरणें. इसी कारण इसका नाम कोरोना रखा गया है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 30 जनवरी, 2020 को कोरोना वायरस का आधिकारिक नाम  11 फरवरी, 2020 को “COVID-19” रखा था.
इसमें ‘CO’ का मतलब कोरोना ‘VI’ का वायरस ‘D’ का मतलब डिजीज और 19 इसलिए जोड़ा गया है क्योंकि इसका पहली बार पता वर्ष 2019 में ही लगा था.