जिन 15 बागियों ने पलटी कर्नाटक की बाजी, वो ही हैं अब बीजेपी के लिए सबसे बड़ी टेंशन

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कर्नाटक में कुमारस्वामी के नेतृत्व में कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार मंगलवार को गिर गई है. गठबंधन सरकार कुल 6 मतों से पीछे रह गई और विश्वास मत जीतने में कामयाब नहीं हो सकी.  कुमारस्वामी की सरकार गिरने के बाद कर्नाटक में अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनना तय माना जा रहा है. लंबे समय से राज्य में सरकार बनाने के इंतजार में बैठी बीजेपी ने भी कवायद तेज कर दी है. बीजेपी का कहना है, वह कर्नाटक में सरकार बनाने का दावा पेश करेगी.

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा आज राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं. इसके लिए उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को भी पत्र लिखा है. बीजेपी के सूत्रों ने बताया, बुधवार को पार्टी पर्यवेक्षक बेंगलुरु जाएंगे और विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे. विधायक दल की बैठक में बीएस येदियुरप्पा को नेता चुना जाएगा. येदियुरप्पा शुक्रवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं.

लेकिन सरकार बनाने की कवायद शुरू होते ही बीजेपी के कई नेता टेंशन में आ गए हैं. बीजेपी नेताओं के टेंशन की वजह 15 कांग्रेस-जेडीएस विधायकों की भूमिका है. . टेंशन में चल रहे बीजेपी नेताओं ने बताया कि बीजेपी जब राज्‍य में सरकार बनाने के नजदीक पहुंच गई है तो ऐसे में कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायक मंत्री बनाए जाने की मांग कर सकते हैं. सभी विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल करना नई सरकार के लिए बेहद मुश्किल होगा.

एक पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक ने कहा, ‘बागियों से बड़े-बड़े वादे किए गए होंगे लेकिन जब कल ये लोग मंत्री बनाए जाने की मांग करेंगे तो आप क्‍या करेंगे? अपना अस्तित्‍व बचाना भी मुश्किल होगा.’ सीएम एचडी कुमारस्‍वामी सत्‍ता में आने को बेताब द‍िख रही बीजेपी को पहले ही इस स्थिति के लिए चेतावनी दे चुके हैं. शुक्रवार को विधानसभा में उन्‍होंने कहा, ‘क्‍या मैं यह खेल नहीं जानता हूं? चलिए देखते हैं कि (बागी विधायकों के सहयोग से) आप कितना दिन चलते हैं.’

बीजेपी के अपने कई वरिष्‍ठ नेता हैं और मंत्रिपरिषद बनाने में जातियों के गणित का भी ध्‍यान रखना होगा. पार्टी के सूत्रों के मुताबिक बीजेपी की सरकार बनने पर 15 बागियों में से केवल एक या दो को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है. सूत्रों ने कहा, ‘बागियों में से हरेक व्‍यक्ति मंत्री बनने का इच्‍छुक नहीं है. कुछ लोग अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए ज्‍यादा पैसा चाहते हैं. यदि यह स्‍वीकार कर लिया जाता है तो वे दोबारा चुनाव लड़ सकते हैं.’ माना ये जा रहा है कि कुछ बागी विधायकों को खुश करने के लिए राज्‍य के विभिन्‍न बोर्डों और निगमों में शीर्ष पद दिया जा सकता है.