जिनपिंग के लिए WAR आखिरी रास्ता, भारत से चीन का युद्ध 100% कन्फर्म हो गया !

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भारत-चीन की बातचीत के बीच चीन की तरफ से धमकियां दी जा रही हैं। सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि अगर भारतीय सेना पैंगॉन्ग त्सो झील (लद्दाख) के दक्षिणी हिस्से से नहीं हटती तो पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए यानी चीनी सेना) पूरे ठंड के मौसम में वहीं जमी रहेगी। ऐसे में एक और बड़ी बात सामने आई है। अमेरिकी पत्रिका न्‍यूज वीक में चीन मामलों के स्‍तंभकार गॉर्डन जी चांग ने कहा कि भारत ने चीनी सेना को जोरदार पटखनी दी है और अब भारत को चीनी राष्ट्रपति के अगले कदम की ओर नजर रखना होगा।

गॉर्डन ने कहा कि चीन का क्रूर सफाई अभियान अब आने वाला है। शी जिनपिंग पहले ही ‘सुधार’ अभियान चला रहे हैं और अपने विरोधियों को दंडित करने में जुटे हुए हैं। हालांकि भारतीय सेना के जवाबी कार्रवाई के बाद अब शी जिनपिंग का भविष्‍य खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा है। उन्‍होंने कहा कि लद्दाख में घुसपैठ की यह पूरी योजना शी जिनपिंग और उनकी सेना ने बनाई थी लेकिन यह बुरी तरह से फ्लाप रही है।

गॉर्डन ने कहा कि गलवान हिंसा में चीन के कम से कम 43 सैनिक मारे गए और यह दोनों के बीच पिछले 45 साल में सबसे घातक संघर्ष था। चीनी सैनिकों के मारे जाने की संख्‍या 60 तक हो सकती है। हालांकि चीन अपनी इस हार को स्‍वीकार नहीं करेगा। उन्‍होंने कहा कि भारतीय सेना के ऊंचाई वाले इलाकों में कब्‍जा करने के बाद अब चीन सकते में आ गया है।

उन्‍होंने कहा कि इस असफलता के बाद अब शी जिनपिंग सेना में अपने विरोधियों पर गाज गिराएंगे और उनकी जगह अपने समर्थक लाएंगे। सबसे महत्‍वपूर्ण बात यह है कि चीन की तीनों सेनाओं के प्रमुख शी जिनपिंग भारत के खिलाफ एक और आक्रामक कार्रवाई कर सकते हैं।

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