‘जब सत्ताधारी ही करेंगे शोषण तो महिलाएं क्या खाक सुरक्षित रहेंगी’

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‘मी टू मुहीम’ के तहत जब बड़े बड़े चेहरे बेनकाब हो रहे है उसी लिस्ट में पत्रकार रहें एमजे अकबर का नाम भी शामिल हो चुका है। मौजूदा वक़्त में विदेश राज्यमंत्री के पद पर बैठे अकबर पर यौन उत्पीड़न के आरोपों पर मंत्रालय ने चुप्पी साध ली है।

बल्कि विदेश मंत्रालय की तरफ से अधिकारिक बयान जारी कर ये तक कह दिया गया कि ये अकबर का निजी मामला है हम इसपर कोई सफाई नहीं देंगें।

अकबर पर लगे आरोपों पर जहां समाजवादी पार्टी ने उनसे इस्तीफे की मांग की है। वहीं इस मामले पर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने अकबर को दोषी पाए जाने पर सख्त कार्यवाई की मांग है।

स्वाति ने सोशल मीडिया पर लिखा, इस केस में क्योंकि आरोपी MJ अकबर केंद्रीय मंत्री हैं, केंद्र सरकार को तुरन्त 15 दिन में निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए और दोषी पाने पे सख्त से सख्त सजा देनी चाहिए। केंद्र में बैठे हुए ही लोग अगर महिलाओं का शोषण करेंगे तो देश की महिलाएं क्या खाक सुरक्षित होंगी?

गौरतलब हो कि बीजेपी नेता एवं केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर महिला पत्रकारों ने यौन शोषण के आरोप लगाए हैं।

महिला पत्रकारों का आरोप है कि एमजे अकबर जॉब इंटरव्यू के नाम पर युवा महिलाओं को होटल में बुलाकर उनके साथ आपत्तिजनक हरकतें किया करते थे।

एमजे अकबर पर यह आरोप प्रिया रमानी और शुमा राहा नाम की महिला पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर शुरु किए गए ‘मी टू कैंपेन’ के तहत लगाए हैं।