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चीन ने नहीं की योगी की मदद, अब कानपुर से लाएंगे बादल, डुबा देंगे महागठबंधन

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में तैयार हुए सपा-बसपा महागठबंधन को बड़ी चुनौती देने की पूरी तैयारी कर ली है, इसके लिए वो वर्षा कराने तक का इंतजाम कर रहे हैं ताकि किसानों के रास्ते उन्हें समर्थन मिले और प्रदेश की महागठबंधन को चुनौती.

दरअसल इस वक्त उत्तर प्रदेश सूखे की चपेट में है, इसमें दो क्षेत्र भीषण सूखे हैं. इसमें एक है विंध्याचल क्षेत्र और दूसरा बुंदेलखंड. इन क्षेत्रों के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने कृत्रिम वर्षा कराने के लिए अपने पड़ोसी देश चीन से संपर्क किया था और चीन ने 1000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के लिए 10.5 करोड़ रुपये मांगे थे. मुख्यमंत्री इसके लिए भी तैयार थे, लेकिन चीन ने अंतिम समय में यह टेक्नोलाजी देने से मना कर दिया. अब योगी सरकार आईआईटी कानपुर द्वारा निर्मित टेक्नोलॉजी से कृत्रिम वर्षा कराने की कवायद शुरू कर दी है.

उत्तर प्रदेश के सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि सरकार ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों में कृत्रिम वर्षा से सिंचाई कराने की तैयारी की है. उन्होंने बताया कि हमारे आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने 5.5 करोड़ रुपये में 1000 वर्ग किलोमीटर में कृत्रिम वर्षा की तकनीकी विकसित की और यह पर्यावरण के लिए भी हानिकारक नहीं है, जो चीन के कृत्रिम वर्षा टेक्नोलॉजी से बेहतर है.

आपको बता दें कि आईआईटी कानपुर द्वारा विकसित तकनीकी में जितने क्षेत्र में वर्षा करानी होती है, वहां हेलीकाप्टर से बर्फ और नमक का छिड़़काव किया जाता है. फिर अंधेरा किया जाता और बादलों को ऊपर से उतार कर नीचे लाया जाता है. हालांकि इस वर्षा में मोटी धार को लेकर वैज्ञानिक थोड़ा चिंतित हैं. इसके लिए पहले इसका परिक्षण महोबा जैसे पथरीले क्षेत्र में कराएंगे और बाद में विंध्याचल आदि क्षेत्रों में भी करके देखा जाएगा.

 

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