चीन की सबसे बड़ी साजिश है कोरोना वायरस, क्यों किया जा रहा ऐसा दावा

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आज कोरोना वायरस सभी देशों की सबसे बड़ी समस्या बनी हुई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप कोरोना वायरस को लगातार चीनी वायरस कह रहे हैं. कोराना वायरस को किसी देश विशेष के नाम से जोड़ने पर ट्रंप की आलोचना हो रही है. कहा जा रहा है कि कोरोना को चीनी वायरस कहना ट्रंप की नस्लवादी और चीन विरोधी सोच को ही दर्शाता है. हालांकि, ट्रंप को लगता है कि कोरोना को चीनी वायरस कहने में कुछ भी गलत नहीं है क्योंकि यह वायरस वहीं से आया है.

चीन के विशेषज्ञों का भी मानना है कि ट्रंप के ऐसा कहने से कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई कमजोर होगी और दोनों देशों में कड़वाहट आएगी. इसके साथ ही यह बात भी कही जा रही है कि दुनिया भर में एशिया के लोगों के प्रति नफरत बढ़ेगी. कई ऐसी रिपोर्ट भी आ रही हैं कि एशियाई मूल के अमेरिकी नागरिकों के प्रति नस्लवादी टिप्पणी बढ़ी है.

‘न्यूयॉर्क टाइम्स से सेंटर फोर स्ट्रैटिजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज’ में चीन के विशेषज्ञ स्कॉट केनेडी ने कहा, कोरोना वायरस को चीनी वायरस कहना चीन को दुनिया भर में किसी डर के रूप में पेश करने की तरह है. यह नफरत न केवल वहां की सरकार के प्रति बल्कि आम चीनी नागिरकों के खिलाफ भी बढ़ेगी. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन के भीतर भी इस थ्योरी पर चर्चा हो रही है कि वायरस चीन में वुहान के फूड मार्केट से नहीं फैला है बल्कि चीन की सरकार की वुहान स्थित लैब से फैला है, जहां जैविक हथियार को लेकर रिसर्च का काम चल रहा है.

इस थ्योरी की चर्चा फॉक्स न्यूज के टॉक शो में भी हुई. अमेरिका के रिपब्लिकन सीनेटर टॉम कॉटन ने इस बात को आगे बढ़ाया. यूरोप और अमेरिका के कई टेब्लॉयड में रिपोर्ट छप रही है कि चीन जैविक हथियार बना रहा था और वहीं से कोरोना फैला है. अमेरिका में कोरोना को लेकर दो खेमे बन गए हैं. एक जो चीन को घेर रहा है और दूसरा कोरोना के खिलाफ मिलकर लड़ने की बात कर रहा है.

31 जनवरी को भारतीय शोधकर्ताओं के एक समूह की रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी. इस रिपोर्ट में कहा गया कि संभव है कि कोरोना वायरस को जानबूझकर पैदा किया गया हो. रिपोर्ट में इस वायरस को चीन के जैविक हथियार होने की आशंका जताई गई थी. इस रिपोर्ट को लेकर काफी विवाद हुआ. विवाद के बाद दो फरवरी को यह रिपोर्ट वापस ले ली गई. कई साइंटिस्ट ने इस रिपोर्ट की आलोचना की और कहा कि इसमें कोई ठोस आधार नहीं है जिसकी बुनियाद पर कहा जा सके कि चीन ने कोरोना को जानबूझकर पैदा किया है.