घर ही में जंजीरों से बंधे रहते हैं ये 4 मासूम, रोंगटे खड़े कर देगी इसकी वजह

0
78

आज हम आपको जो कहानी बताने जा रहे हैं उसे पढ़कर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। ये कहानी है जंजीरों में बंधे बचपन की जो रोहतास जिला के डेहरी के बारह-पत्थर से आई है। यहां एक दम्पति अपने 4 बच्चों को जंजीर से बांधकर रखने को मजबूर है।

बता दें कि ये 4 भाई डेहरी के बारह- पत्थर मोहल्ला के निवासी शरफुउद्दीन अंसारी एवं प्रवीण बीवी के हैं। इन दोनों की कुल 8 संताने हैं जिसमें 4 लड़कों की मानसिक स्थिति सही नहीं है जिसके कारण आए दिन बच्चे उत्पात मचाते रहते है। अवसर प्राप्त होते ही ये बच्चे घर से बाहर भाग जाते हैं।

ऐसे में मजबूरन दम्पति ने इन चारों मानसिक रोगी भाईयों की पैरों में लोहे की बेड़ियां पहना दी। पिता सरफुद्दीन का बताना हैं कि, पैदा होने के वक्त उनके बच्चे स्वस्थ थे, किन्तु जब चार साल की आयु हुई तो धीरे-धीरे मानसिक स्थिति खराब हो गई।

इनके पिता बताते हैं कि एक साथ चार-चार बच्चे मानसिक बीमारी से पीड़ित हो गए, तो मुझ जैसे मेहनत-मजदूरी कर घर चलाने वाले के पास इनका उपचार कराना अब संभव नहीं है।

रोजाना काम से लेकर सोने तक 24 घंटा उनके पांव में जंजीरें बंधी ही रहती हैं। इन लोगों को किसी प्रकार की कोई सरकारी सुविधा नहीं प्राप्त हो पाई है, यहां तक कि दिव्यांगों को प्रदान किए जाने वाले पेंशन तक भी मयस्सर नहीं हो पाया है।

जब इस मामले में डिहरी के एसडीएम लाल ज्योतिनाथ शाहदेव से पूछा गया तो उन्होंने बोला कि वह शीघ्र ही बच्चों के उपचार की व्यवस्था करवाएंगे एवं दिव्यांगों को दी जाने वाली पेंशन की शुरुआत भी करेंगे।