जरा हट के

गरीब किसान के 60 हज़ार रुपये चबा गई बकरी, फिर उसने जो किया वो सबकी आंखें खोल देगा

सोशल मीडिया के माध्यम से हमे कई अनोखी और अजीबोगरीब खबरे सुनने को मिलती है. इनमे से कुछ खबरे ऐसी होती है जिसे सुनकर उसपर यकीन करना भी मुश्किल हो जाता है. आज हम आपके लिए एक ऐसी हैरान करने वाली ले कर आये है जिसे सुनकर आप दंग रह जायेंगे.

यह कहावत तो आपने सुनी ही होगी की “ पापी पेट का सवाल है“. किसी भी जिव जंतु या इंसान के जीवन में खाना एक ऐसी चीज है जिसके लिये हम पैसे कमाते है और जानवर खाने के लिये शिकार करते है, जब हमें बहुत ज्यादा भूख लगती है तो हम कुछ भी खा लेते है पर क्या आपने सोचा है की अगर किसी जानवर को ऐसी भूख लगे के वो कुछ भी खा जाने को उतावला हो जाये तो फिर वो क्या करते है?

शायद इस सवाल का जवाब बहुत से लोगो के पास नहीं होगा या उन्हें समझ नहीं आ रहा होगा इसका क्या जवाब दे. तो फिर आइये हम आपको इस सवाल के जवाब में इस घटना की के बारे में बताते है जिससे आप खुद ब खुद ही सारा माज़रा समझ लेंगे.

उत्तर प्रदेश के सिलुआपुर गाँव में एक सर्वेश कुमार पटेल नाम का गरीब किसान रहता है जिसने अपने घर में एक बकरी पाल रखी है , एक दिन उस किसान ने बैंक से 60 हजार रूपए निकल वाए ताकि वो अपना घर पक्का बना सके और उसने वो पैसे अपनी एक पेंट में रख दिये और उस पेंट को खूँटी पर टांग दिया और नहाने चला गया.

जब वो किसान नहा रहा था तभी बकरी को जोरदार भूख लग गयी ,आस पास कुछ मिला नहीं तो उस बकरी ने किसान की पेंट को ही चबाना शुरु कर दिया जिसमे 60000 रूपए थे और जब वो किसान नहा कर बाहर निकला तब उसने जो नजारा देखा तो उसके पैरो तले से ज़मीन खिसक गयी.

बकरी 60 हजार रूपए चबा चुकी थी और किसान ने मुस्किल से उसके मुह में से दो नोट बाहर निकाले जो लगभग चबे हुए थे , अब आप खुद सोचिये की अगर किसी गरीब के पास से 60 हजार रूपए चले जाये तो कितनी बड़ी बात है.

आस पास के लोगो ने उन्हे सलहा दी की बकरी को किसी कसाई को बैच दो , थोड़े पैसे भी मिल जायेगे और बकरी को उसके किये की सजा भी मिल जाएगी पर उस गरीब किशान ने ऐसा नहीं किया और आज भी उसी प्यार से बकरी को पाल रहा है.

उस किसान का कहना है की वो तो जानवर है उसे क्या पता पैसा क्या होता है और ना ही उन्हें सही गलत की समझ होती है इसलिए उन्हें सजा देने से क्या होगा , जब गाव वालो को उनकी इस बात का पता चला तो उन सबने सर्वेश कुमार की काफी तारीफ की और उनके घर के लिये चंदा भी जमा किया.

आज हमे और हमारे समाज को सर्वेश कुमार जैसे लोगो की बहुत जरुरत है ,क्यों की लोगो के दिलो से विनम्रता समाप्त होती जा रही है और हमें ऐसे लोगो से सीखना चाहिये की कुछ पैसो के लिये हमें जानवर नहीं बनना चाहिये.

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