Breaking News
Home / उत्तर प्रदेश / सपा-बसपा-रालोद के गठबंधन में किसके हिस्से आया क्या, जानिए हर सीट के बारे में

सपा-बसपा-रालोद के गठबंधन में किसके हिस्से आया क्या, जानिए हर सीट के बारे में

सपा-बसपा-रालोद का महागठबंधन हो गया है और सीटों के बंटवारे पर भी सहमति बन चुकी है. सीटों का बंटवारा किस प्रकार हुआ है और उसमें क्या संभावनाएं हैं इसको हम आपको एक सूचि देने जा रहे हैं जिसमें हमने अनुमान के हिसाब से बताया है कि महागठबंधन की ओर से कौन सी लोकसभा सीट से कौन सी पार्टी का प्रत्याशी चुनाव में उतरेगा.

बसपा और सपा में सीटों को लेकर सहमति बन गई है जबकि रालोद अभी भी कुछ सीटों की माँग कर रही है. बसपा और सपा दोनों बराबर 38-38सीटों पर चुनाव लड़ने वाले हैं जबकि रालोद को 2 सीटें दी जाएँगी. दो सीटों पर महागठबंधन प्रत्याशी नहीं उतारेगा. ये सीटें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और UPA चेयरपर्सन सोनिया गांधी की हैं. इसका अर्थ है कि अमेठी और राय बरेली लोकसभा सीटों पर महागठबंधन का प्रत्याशी नहीं उतरेगा.

ऐसी उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से इन लोकसभा सीटों पर बसपा का प्रत्याशी महागठबंधन की ओर से चुनाव लड़ेगा. ये सीटें हैं- सहारनपुर, मुज़फ्फरनगर, गौतम बुद्ध नगर, अलीगढ, फ़तेहपुर सीकरी, सीतापुर, हमीरपुर, आंबेडकर नगर, बस्ती, संत कबीर नगर, देवरिया, लालगंज, घोसी, सलेमपुर, जौनपुर, भदोही, आगरा, उन्नाव, एटा, कैसरगंज, कौशांबी, ग़ाज़ीपुर, ग़ाज़ियाबाद, चंदौली, जौनपुर, झाँसी, धौरहरा, पीलीभीत, फ़रुखाबाद, बरेली, बाराबंकी, बांदा, रोबर्ट्सगंज, मिस्रिख, मेरठ, बुलंदशहर.

समाजवादी पार्टी जिन सीटों पर चुनाव लड़ेगी वो सीटें इस प्रकार हो सकती हैं- आज़मगढ़, आँवला, इटावा, इलाहाबाद, कन्नौज, कानपुर, कुशीनगर, खीरी, गोरखपुर, गोंडा, जालौन, डुमरियागंज, देवरिया, नगीना, प्रतापगढ़, फतेहपुर, फ़िरोज़ाबाद, फूलपुर, फ़ैज़ाबाद, बदायूँ, बलिया, बांदा, बांसगाँव, भदोही, मछलीशहर, महाराजगंज, मिर्ज़ापुर, मुरादाबाद, मैनपुरी, रामपुर, लखनऊ, वाराणसी, शाहजहाँपुर, श्रावस्ती, सलेमपुर, हरदोई.

महागठबंधन की तीसरी पार्टी रालोद है. रालोद जिन सीटों पर चुनाव लड़ेगी वो इस प्रकार हैं-रालोद: बागपत, मथुरा. रालोद हालाँकि दो और सीटों की माँग कर रही है जिसके लिए सपा-बसपा दोनों ही राज़ी नहीं हैं. रालोद के नेता मानते हैं कि उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कम से कम दो और सीटें दी जानी चाहियें.

सपा और बसपा नेता का कहना है कि टिकट उसी को मिलनी चाहिए जिसकी स्थिति जीतने की अच्छी हो. महागठबंधन के नेताओं का कहना है कि इस समय सबसे ज़रूरी ये है कि भाजपा को हराया जाए. हालाँकि अभी सीटों के बंटवारे को लेकर आख़िर तक और दांवपेंच भी आ सकते हैं.

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com