गजब की राजनीति : सीट वही..प्रत्याशी भी वही..बस पार्टियों की हुई अदलाबदली !

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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में भी आम आदमी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है. द्वारका विधानसभा सीट पर मुकाबला काफी रोचक है. इस सीट का चुनावी गणित इस बार मतदाताओं को भी थोड़ा कन्फ्यूज कर सकता है. हो सकता है कि जब उम्मीवार अपने लिए वोट मांगने आएं तो उलझन में पड़ जाएं कि आखिर ये माजरा क्या है?

2015 में इलाके के मौजूदा विधायक आदर्श शास्त्री आम आदमी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़े थे, वो इस बार कांग्रेस के उम्मीदवार हैं तो 2015 में कांग्रेस का हाथ थामकर खड़े विनय मिश्रा इस बार आम आदमी पार्टी का दामन थाम चुके हैं. बीजेपी ने इस बार भी प्रद्यूमन राजपूत पर भरोसा जताया है.

दरअसल, द्वारका पश्चिमी दिल्‍ली लोकसभा क्षेत्र का हिस्‍सा है. 2002 में गठित किए गए परिसीमन आयोग ने इस क्षेत्र को 2008 में विधानसभा सीट बनाने की सिफारिश की. चुनाव आयोग ने इस सीट के लिए पहली बार 2008 में चुनाव कराए और तब इस सीट पर कांग्रेस के महाबल मिश्रा ने जीत हासिल की थी. हालांकि, 2008 में ही हुए उपचुनाव में प्रद्युम्‍न ने अपनी हार का बदला लेते हुए जीत दर्ज की.

मौजूदा विधायक आदर्श शास्त्री पिछली बार 39,366 वोटों के मार्जिन से जीते थे. आदर्श शास्त्री ने एप्पल इंडिया के सेल्स हेड के पद से नौकरी छोड़कर राजनीति में कदम रखा था, लेकिन इस बार उनके लिए मुकाबला बेहद चुनौतीपूर्ण है. एक तरफ तो उन्होंने पार्टी बदली है और उनके सामने कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे महाबल मिश्रा के बेटे विनय मिश्रा अब आम आदमी पार्टी के कैंडिडेट हैं.