जरा हट के

खुदाई में सिक्का पा गया बच्चा, जांच में सामने आई सच्चाई तो बदल गई जिंदगी

दुनिया में वैसे तो अजीबोगरीब किस्से सुनने को मिलते रहते हैं, इस तरह का एक मामला जर्मनी से सुनने में आया है जहां 13 साल के एक बच्चे को 10वीं शताब्दी की एक ऐसी अनमोल चीज मिली हैं जिसके बारे में उसे कोई जानकारी नहीं थी. वह एक पुराना सामान्य सा सिक्का समझकर अपने घर ले आया और उसके बाद को जांच में पता चला तो हुा ऐसा खुलासा जिसे सुनकर हर किसी के पैरों तले जमीन खिस गई.

दरअसल इस 13 साल के बच्चे का नाम लूका मलास्नानिट्चेन्को है. खबर के अनुसार यह नादान बच्चा एक मामूली सा सिक्का समझकर 10वीं शताब्दी एक ब्लूटूथ सिक्का ले आया यह कोई मामूली सिक्का नहीं बल्कि डेनमार्क के राजा हैराल्ड का सबसे बड़ा खज़ाना उसके हाथ लगा है,लेकिन अब आप सोच रहे हंगे कि यह कैसे पता चला की यह 10 वीं शताब्दी का सिक्का है तो इसके लिए हम आपको बताने जा रहे हैं इसके पीछे की कहानी.

लूका अपने गुरू रीने स्कोएन के साथ खजाने की खोज में निकला हुआ थी,लूका के गुरू रीने स्कोएन एक पुरातत्त्ववेत्ता हैं जो कि लूका के साथ खजाना खोजते खोजते उत्तरी रेजिजन द्वीप की पहुंच गए थे, कहा जाता है यहां पर यह दोंनो एक के मेटल डिटेक्टर मशीन अपने साथ में लेकर आए थे जिसकी मदद से उन्हें एक अमूल्य सिक्का मिला है जो कि एल्यूमिनीयम का है.

शुरू शुरू में इन सिक्के को पाने के बाद लगा था कि यह सिर्फ फालतु की चीज है, लेकिन जैसी ही इसकी जांच की गई तो वहां मौजूद सभी लोगों के होश उड़ गय़े,एक अंग्रेज़ी अखबार की रिपोर्ट इन दोनों ने इस सिक्के को पाने के करीब 400 वर्ग मीटर की गहरी खुदाई की थी,कहा जाता है उस समय के दोरान सिक्कों में ब्लूटूथ लगे हुए होते थे परंतु 10 वीं शताबदी में सिक्कों में ब्लूटूथ पाना यह बात सभी की समझ से परे हैं. जब बाजार में इस सिक्के की कीमत आकी गई तो इनकी कीमत आपकी सोच से भी कई गुना ज्यादा थी.

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