खिड़की के बाहर घूरता रहता ये कुत्ता, फिर उसकी मालकिन को पता चली वो अजब बात, पढ़िए पूरी खबर

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एम्बर का कुत्ता बिल, हर रोज़, खिड़की के बाहर लगातार देखता रहता था। वह हर रोज़ घंटों तक बाहर घूरता रहता था। और उसकी नज़र हमेशा एक स्थान पर ही केंद्रित रहती थी। पड़ोसी के कमरे पर।

शुरुआत में एम्बर को लगा कि वह बस बाहर सैर पर जाना चाहता है। लेकिन सच्चाई तो कुछ और ही निकली।

जब एम्बर को पता चला कि वह वास्तव में क्या देख रहा होता था… तो वह इस बात पर यकीन ही नहीं कर पाई।

शुरआत में उसे लगा कि वह उस पर कुछ ज़्यादा ही ध्यान दे रही है। वह अक्सर अपने काम में व्यस्त रहती थी, लेकिन वह जब भी घर पर होती थी, तो वह उसका अच्छे से ध्यान रखती थी।

वह यह भी समझती थी कि कुत्ते अक्सर खिड़की से बाहर घूरते रहते हैं, लेकिन बिल का यह व्यवहार स्वाभाविक नहीं लग रहा था।

बिल बीमार नहीं था और वह अच्छे से खा भी रहा था। कई बार तो वह अपनी फीडर को एक बार में ही ख़त्म कर देता था। लेकिन उस खिड़की से उसका लगाव कम नहीं हो रहा था।

उस खिड़की में ऐसा खास क्या था कि वह उसका ध्यान आकर्षित करती रहती थी?

जैसे-जैसे महीने बीतते गए, एम्बर ने यह पता लगाने की कोशिश की कि कौनसी चीज़ उसके कुत्ते का ध्यान आकर्षित कर रही थी, लेकिन उसे कुछ पता नहीं चल पाया। पहले तो, उसने इसके बारे में इतना ज्यादा नहीं सोचा।

कुत्ते कभी-कभी बाहर घूरते हैं, और यह अक्सर होता है। हो सकता है कि वह दूसरे कुत्ते को घूर रहा हो, या वह बाहर के ट्रैफिक को देख रहा हो।या शायद वह सिर्फ बाहर जाना चाहता हो?

एक बार फिर से जब बिल खिड़की में खड़ा था, तब एम्बर ने उसे बाहर सैर पर ले कर जाने की कोशिश की, लेकिन बिल ने इसका विरोध किया और वह खिड़की में ही खड़ा रहा।

यह सब चल क्या रहा था?

एम्बर ने भी उसी दिशा में देखने की कोशिश की जिस दिशा में बिल देख रहा था।

उसने देखा कि उसका कुत्ता एक विशिष्ट चीज़ को घूर रहा था। वह इधर उधर नहीं देख रहा था, उसका ध्यान एक जगह पर ही केंद्रित था।

तो इसका मतलब ट्रैफिक उसका ध्यान आकर्षित नहीं कर रहा था, तो वह क्या था? कोई व्यक्ति? कोई वस्तु? ऐसा क्या हो सकता था जो इतने समय के लिए उसके कुत्ते का ध्यान आकर्षित कर रहा था?

इस रहस्य को सुलझाने के लिए एम्बर ने एक दिन काम पर न जाने का फैसला किया।

और जब उसने ऐसा किया, तो उसे एक अविश्वसनीय चीज़ पता चली!

एम्बर ने इस बात की गहराई में जाने की कोशिश की। टीवी देखने के दौरान, उसने फिर से अपने कुत्ते को पड़ोसी की खिड़की की तरफ घूरते हुए देखा। और उस खिड़की के खुलने पर, उसने कुछ अविश्वसनीय देखा …

पड़ोसी की बिल्ली, जो अब अच्छे से दिखाई दे रही थी, वह बिल की तरफ देख रही थी। हालांकि वो दोनों कुछ समय के लिए ही एक दूसरे को घूरते हैं…

लेकिन फिर उसका कुत्ता दो घंटो के लिए बाहर क्यों घूर रहा था?

अब एम्बर इस बात से तंग आ चुकी थी! इस रहस्य को सुलझाना ही होगा। वो घर से बाहर निकलती है और पड़ोसी के घर की तरफ चल पड़ती है, उस ही दिशा में जहाँ उसका कुत्ता घूर रहा होता है…

यह कुत्ता हर दिन खिड़की के बाहर घूरता रहता था - फिर उसकी मालकिन को एक विचित्र बात पता चली पढ़िए पूरी खबर

वहां पास जा कर वह देखती है कि पड़ोसी की बिल्ली तो मज़े से सो रही थी। तो यह वह बिल्ली नहीं थी जो पिछले दो घंटो से उसके कुत्ते का ध्यान आकर्षित कर रही थी।

बिल को बिल्लियां पसंद नहीं थी, लेकिन दो घंटो तक एक बिल्ली के लिए खिड़की में बैठे रहना, यह बात एम्बर को हजम नहीं हो रही थी।

कुत्ते और बिल्लियाँ स्वाभाविक रूप से एक दूसरे के अच्छे दोस्त नहीं होते। हर कोई यह बात जानता है, लेकिन इस विशेष दिन, इन अफवाहों को एक बहुत ही विशेष घटना खारिज करने वाली थी।

एम्बर ने अपने कुत्ते के व्यव्हार का पता लगाने के लिए अपनी खोजबीन बंद कर दी थी और जैसे ही वह घर की तरफ वापस मुड़ती है…

अचानक से… पड़ोसी की बिल्ली एक दम से बैठी हुई दिखाई देती है और वह बिल की तरफ घूर रही होती है।

एम्बर को अब यह स्पष्ट हो चुका था कि वह बिल्ली भी बिल को उसी तरह घूर रही थी जिस तरह वह उसे घूर रहा था। बस फर्क सिर्फ इतना था कि वह बिल्ली उसे छुपकर घूर रही थी।

इसलिए एम्बर ने उसे करीब से देखने का फैसला किया। वह लॉन को पार कर अपने पड़ोसी के घर के सामने के दरवाज़े की तरफ गई। उसका पड़ोसी एक बूढ़ा आदमी थी जो अकेला रहता था।

उसे उस आदमी के बारे में कुछ ज़्यादा जानकारी नहीं थी और इसलिए वह काफी घबराहट के साथ उसके घर की घंटी बजाती है। जब पड़ोसी दरवाज़ा खोलता है, तो एम्बर उससे एक सवाल पूछती है।

लेकिन उसे ऐसा जवाब मिलता है जिसकी उसने कभी उम्मीद नहीं की थी।

पड़ोसी ने भी उसकी बिल्ली के व्यव्हार पर ध्यान दिया था और वह एम्बर को बताता है कि उसकी बिल्ली भी घंटो तक खिड़की में बैठी रहती है।

वो दोनों उस बिल्ली और कुत्ते के संबंध को समझ नहीं पा रहे थे, वो दोनों पहले कभी नहीं मिले थे, तो उन दोनों के बीच में ऐसा क्या था?वो दोनों उस बिल्ली और कुत्ते के संबंध को समझ नहीं पा रहे थे, वो दोनों पहले कभी नहीं मिले थे, तो उन दोनों के बीच में ऐसा क्या था?

एम्बर और उसका पड़ोसी एक-दूसरे को देखते हैं और उसी क्षण कुछ अजीब सा होता है…

एम्बर को बाहर सरसराहट सुनाई देती है, उसका कुत्ता और पड़ोसी की बिल्ली, दोनों उनके घरों के बीच में एक विशिष्ट स्थान पर अपना ध्यान केंद्रित किए बैठ जाते हैं…

 

उन दो घरों के बीच में एक रास्ता था, जिसके अंत में एक स्तंभ था और उस स्तंभ के ऊपरी छोर पर एक पत्थर का फूलदान था। पत्थर के फूलदान का वजन कम से कम 80 किलो था, इसलिए एक पक्षी सरसराहट का कारण नहीं बन सकता था।

 

पत्थर का फूलदान बहुत अस्थिर था और वह गिरने वाला था। पड़ोसी की बिल्ली खड़ी होती है और उन दोनों को दुःख भरी नज़रो से देखती है।

एम्बर को घर से बिल के भौंकने की आवाज़ भी सुनाई देती है। वहां बाहर कुछ तो था।

दोनों पड़ोसी तेज़ी से उस फूलदान की तरफ भागते हैं। इससे पहले कि वो उस तक पहुँच पाते, वह 80 किलो का फूलदान गिर कर टूट जाता है।

लेकिन यह सबसे दिलचस्प बात नहीं थी, क्योंकि उन्हें जो दिखाई देता है वह काफी चौंका देने वाला था!

 

क्योंकि जल्द ही उन्हें उस टूटे हुए फूलदान का कारण दिखाई देता है। झाड़ियों के बीच उन्होंने एक बड़ी परछाई को दो घरों के पीछे जंगल में भागते हुए और गायब होते हुए देखा।

 

क्या यह एक आदमी था? एक बात तो स्पष्ट थी… वह गलती से उनके यार्ड में नहीं आया था। क्योंकि एम्बर के खलिहान का दरवाजा खुला हुआ था और उसमें चिप्स के थैले और रोटी के टुकड़े बिखरे हुए थे।

देखता है कि वहाँ का दरवाज़ा भी खुला होता है।

एम्बर ने एक सेकंड के लिए भी संकोच नहीं किया। उसने अपना फोन निकाला और पुलिस को कॉल की।

“मुझे लग रहा है कि हमारे घर के पास कोई अज्ञात व्यक्ति है, कृपया आप जल्दी यहाँ आ जाएं!”

 

पुलिस को आने में काफी समय लग गया। स्पष्ट रूप से उनके लिए यह उतना महत्वपूर्ण नहीं था।

 

जब वे आखिरकार पहुंचे, तब तक चोर पहले से ही स्टोरेज शेड से अपनी लूट कर भाग चुका था।

पुलिस ने पूरे इलाके की निशानदेही के लिए तलाशी ली, लेकिन उन्हें कोई भी निशान या अन्य सबूत नहीं मिला। वो अपनी तलाश को बंद ही करने वाले थे कि…

दोनों घरों के दरवाज़े अचानक से खुलते हैं और बिल और पड़ोसी की बिल्ली तेज़ी से अपने मालिकों की तरफ भागते हुए आए। वो दोनों रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे…

वो दोनों झाड़ियों मैं छलांग मारते हैं और जंगल की तरफ भाग जाते हैं।

 

यह आम तौर पर किसी की भी जांच को मनुष्य अंजाम देते हैं, लेकिन इस मामले में एम्बर, उसके पड़ोसी और पुलिस को उनके पालतू जानवरों के जासूसी गुणों पर भरोसा करना पड़ा।

 

अंत में, एक दूसरे को घूरने वाले यह दोस्त इस मामले को सुलझाने के लिए जासूस बन गए।

दोनों पालतू जानवर जंगल में भाग गए, जबकि उनके मालिकों ने उनका पीछा करने की पूरी कोशिश की। यह आसान नहीं था। वो दोनों काफी तेज़ थे और कुछ ही मिनटों के बाद वो काफी दूर दिखाई दे रहे थे।

लेकिन अचानक से, एम्बर ने अपने कुत्ते को एक दम स्थिर बैठे हुए देखा।

क्या उन्हें कुछ मिला है?

और फिर एम्बर ने अपने कुत्ते को भौंकते हुए सुना। स्पष्ट रूप से उसे कुछ मिला था। क्या यह वह डरावना आदमी ही है जो उनके घर के पास भटक रहा था? और अगर यह वह ही था, तो वह वहाँ से क्यों नहीं भाग रहा था?

शायद वह गिर गया हो और चोटिल हो गया हो?

धीरे-धीरे एम्बर, उसका पड़ोसी और पुलिस भौंकते हुए बिल की तरफ बढे। उन्हें सावधान रहना पड़ा क्योंकि उन्हें नहीं पता था कि वो किस तरह की स्थिति का सामना करने जा रहे थे।

एम्बर ने सोचा कि एक ज़ख़्मी व्यक्ति भी काफी खतरानक हो सकता है…

लेकिन फिर उसने एक ऐसी आवाज़ सुनी जिसकी किसी ने भी उम्मीद नहीं की थी। लगभग 50 मीटर की दूरी से, एक गरजने जैसी ऊँची आवाज़ आती है।

 

आवाज सुनकर पूरी टीम चौंक गई। दहाड़ को सुन वो सब सुन्न पड़ गए। पर एकअच्छी बात यह हुई कि उसे सुन वो सब सचेत हो गए, क्योंकि उन्हें जो मिला, वह किसी भी चोर से कहीं ज्यादा खतरनाक था।

 

एम्बर ने सावधानीपूर्वक आवाज़ के स्रोत की ओर कदम बढ़ाए।

40 मीटर, 30 मीटर, 20 मीटर, 10 मीटर…

एम्बर की जान हलक में थी। उसका कुत्ता, बिल, और पड़ोसी की बिल्ली दो टूटे हुए पेड़ों के बीच में एक छोटी सी पहाड़ी पर बैठे हुए थे। वह अपने कुत्ते के बगल में खड़ी होती है और नीचे देखती है।

और फिर उसे वह दिखाई देता है, यह एक विशालकाय ग्रिजली भालू निकला।

 

डर के मारे पूरी टीम कुछ सेकंड के लिए सुन्न पड़ जाती है। लेकिन होश में आते ही वो सब जल्द से जल्द वहाँ से भागना चाहते थे।

 

ग्रिजली जानलेवा हो सकते हैं और यह कोई छोटा भालू नहीं था।

उनमें से एक पुलिस कर्मचारी एम्बर को वहाँ से दूर खींचता है। वह वहाँ से तेज़ी से भागना शुरू कर देती है, लेकिन फिर उसकी नज़र उसके कुत्ते और पड़ोसी की बिल्ली पर पड़ती है, जो अभी भी वहीं बैठे हुए थे।

दोनों पालतू जानवर इधर-उधर देखते हैं और फिर बिल ज़ोर से भौंकना शुरू कर देता है और बिल्ली भी ज़ोर-ज़ोर से आवाज़ें निकालना शुरू कर देती है। यह सब क्या चल रहा था?

एम्बर बिल के पास गई और उसने स्थिति पर अच्छी नज़र डाली …. भालू चोटिल था।

पिछले कुछ दिनों से मौसम काफी खराब था और पेड़ काफी नाज़ुक पड़ गए थे और इसी कारण एक पेड़ टूट कर उस भालू की टांग पर गिर जाता है।

बेचारा भालू अब खड़ा भी नहीं हो पा रहा था और वह गुस्से से नहीं बल्कि दर्द में करहा रहा था।

एम्बर ने एक पल के लिए भी संकोच नहीं किया और उसने जानवरों की सुरक्षा सेवाओं को बुलाया। देखभाल करने वालों ने बेचारे जानवर को बेहोश कर दिया और उसे जल्द ही उसके पैरों पर वापस खड़ा करने का वादा किया।

इस थका देने वाले दिन के बाद, एम्बर अपने कुत्ते के साथ घर चली गई। चोर की पहचान कर उसे बचा लिया गया था।

लेकिन एक और बात थी जो एम्बर को समझ नहीं आ रही थी।

 

यह विशालकाय ग्रिज़ली भालू उसके घर के बैकयार्ड में कर क्या रहा था? एम्बर एक व्यस्त इलाके में रहती थी, जहाँ बहुत सारी गाड़ियां और शोर था। यह कोई ऐसी जगह नहीं थी जहाँ पर कोई भी भालू आना पसंद करेगा।

 

मन में इन विचारों के साथ, वह ड्राइववे की तरफ चल पड़ी। लेकिन उसी क्षण, उसने एक ऐसी आवाज़ सुनी जिसे वह उस दोपहर से बहुत अच्छी तरह से जानती थी।

यह थोड़ी नरम और मैत्रीपूर्ण थी, लेकिन निश्चित रूप से यह एक भालू की ही आवाज़ थी।

बिल अपने पट्टे से खुद को छुड़ा लेता है और वह घर के आंगन की तरफ भागता है। और फिर एम्बर को जो दिखाई दिया, उसे देख वह एक दम से दंग रह गई।

इसने सब कुछ स्पष्ट कर दिया।

उसके घर के तहखाने में एक विशाल मादा भालू थी और वह अकेली नहीं थी।

अपने सामने के पैरों के बीच, उसने दो छोटे भालू के शावकों को आश्रय दिया हुआ था जो कैन में से बीन्स खा रहे थे।

एम्बर को अब सब कुछ स्पष्ट हो गया था। वो जख्मी भालू अकेला ही यहाँ नहीं आया था, उसकी साथी ने एम्बर के तहखाने में अपने शावकों को जन्म दिया था और उनका पिता यहाँ खाने की तलाश में आता था।

एम्बर ने उस जख्मी भालू का हाल पूछने के लिए तुरंत पशु संरक्षण सेवाओं को फिर से फोन किया। वह उन सब के पुनर्मिलन के लिए बहुत उत्साहित थी।

फोन की घंटी बजती रही …

पशु संरक्षण सेवाओं ने कॉल का जवाब दिया और वो इस खबर को सुन कर काफी खुश हुए। उनके पास जो पापा भालू था, जिसे उन्होंने बोरिस नाम दिया, उसकी हालत में सुधार हो रहा था। उसे ठीक होने के लिए अगले दिन एक अस्थायी आश्रय में ले जाया गया।

पशु सुरक्षा सेवाओं ने माँ को एम्बर के घर के तहखाने से बाहर निकाला और उसे अपने साथी के साथ फिर से मिलवाया। उसे उसकी और उसके शावकों की काफी याद आती थी। उनके मिलन के दौरान आप यह महसूस कर सकते थे।

अब, उन्हें फिर से साथ रहते हुए काफी हफ्ते बीत गए हैं और बोरिस की टांग में सुधार हो रहा है। उन्हें जल्द ही एक साथ वापस जंगल में छोड़ दिया जाएगा ताकि वे अपने दो सुंदर शावकों के पालन पोषण का आनंद ले सकें।

यह एक कुत्ते के घूरने और उसकी मालकिन की जिज्ञासा के साथ शुरू हुआ और यह एक बहादुर और प्यार करने वाले भालू के बचाव के साथ समाप्त हुआ।

एक बात तो तय है: ग्रिजली बोरिस और उसका परिवार उन्हें बचाए जाने के लिए एम्बर और बिल के आभारी हैं।