कोरोना से ऐसे बचना : अगर आसपास मिले कोई संक्रमित मरीज, तो फौरन करें ये काम

0
31

कोरोना वायरस की बीमारी से संक्रमित मरीजों की संख्या हर घंटे बढ़ती जा रही है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि, लोग जाने-अनजाने में इससे संक्रमित तो हो जाते हैं, लेकिन उन्हें पता नहीं होता है कि, क्या करें और क्या न करें। अगर आपके आसपास कोरोना वायरस का संक्रमित मरीज मिलता है या आप किसी कोरोना वायरस पोजिटिव व्यक्ति की देखभाल कर रहे हैं, तो तुरंत निम्नलिखित कार्यों या तरीकों को अपनाना चाहिए। जिससे अगर आपको संक्रमित व्यक्ति से कोरोना वायरस होने की आशंका हो, तो आप खुद के जरिए इसे फैलने से रोक सकते हैं।

कोरोना वायरस के लक्षणों की जांच करें

सबसे पहले आपको कोरोना वायरस के लक्षणों के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। क्योंकि, अगर आपके आसपास कोरोना वायरस का संक्रमित मरीज मिला है और आप उसके संपर्क में आ गए हैं, तो आप में कोरोना वायरस के लक्षण दिखना चिंता करने का सबसे पहला कारण हो सकता है। कोरोना वायरस के लक्षणों में बुखार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत सबसे प्रमुख होते हैं।

कोरोना वायरस के लक्षण दिखने पर

अगर आप में कोरोना वायरस के लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं, तो भी इसका ये मतलब नहीं है कि आपको कोरोना वायरस हो गया है। क्योंकि, कोरोना वायरस के लक्षण बिल्कुल आम फ्लू की तरह हैं, तो यह आम समस्या भी हो सकती है जो अपने आप ठीक हो जाए। इसलिए आपको कोरोना वायरस का टेस्ट करवाने के लिए थोड़ा रुकना चाहिए और अपने लक्षणों का निरीक्षण करना चाहिए। लेकिन, अपने आसपास कोरोना वायरस का संक्रमित मरीज मिलने या संक्रमित मरीज की देखभाल करने पर आपको खुद में यह लक्षण दिखते ही निम्नलिखित सावधानी बरतनी शुरू कर देनी चाहिए।

कोरोना वायरस का संक्रमित मरीज कोई हो, तो बरते ये सावधानी

  1. सबसे पहले अपने आप को घर में आइसोलेट कर देना चाहिए और सिर्फ मेडिकल केयर या टेस्ट के लिए ही बाहर निकलना चाहिए। सेल्फ आइसोलेट के लिए खुद को एक कमरे के अंदर ही सीमित कर लें।
  2. आपको अपने घर में अन्य सदस्यों या पालतू जानवरों से भी दूरी बना लेनी चाहिए। इसके अलावा अगर संभव हो, तो अलग बाथरूम ही इस्तेमाल करें। वरना, अपने बाथरूम जाने के बाद अच्छी तरह साफ-सफाई करें।
  3. घर में होने पर भी हर समय मुंह पर मास्क का प्रयोग करें और बाहर जाने पर तो करें ही। मास्क का प्रयोग करने के साथ ही उसे डिस्पोज करने का तरीका भी ध्यान रखें कि मास्क उतारने के बाद उसे बंद डस्टबिन में फेंके और हाथों को सीधा साबुन से धोएं।
  4. हाथों को दिन में हर दो या एक घंटे में साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं। अगर पानी और साबुन उपलब्ध न हो, तो एल्कोहॉल बेस्ड हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
  5. अपने आसपास कोरोना वायरस का संक्रमित मरीज मिलने पर या ऐसे मरीज की देखभाल करने पर खुद में दिखने वाले लक्षणों के बाद अपने गिलास, कप, कपड़े, खाना, तौलिया, बेड की चादर, बर्तन आदि सबसे अलग कर दें और सिर्फ उन्हें ही इस्तेमाल करें। इसके अलावा, इन चीजों की साफ-सफाई का भी पूरा ध्यान व सावधानी बरतें।
  6. अपने द्वारा छूएं जाने वाली चीजों या सतहों जैसे- गेट का हैंडल, टॉयलेट, मोबाइल फोन, टेबल, माइक्रोवेव, ओवन, फ्रिज आदि को अच्छी तरह साफ और डिस्इंफेक्ट करवाएं। साफ और डिस्इंफेक्ट करने वाला व्यक्ति भी मास्क और ग्लव्स जैसी सावधानियों का पूरा ध्यान रखे।
  7. अपने लक्षणों की निगरानी करने पर यदि एक या दो दिन के भीतर उनमें गंभीरता या समस्या (जैसे- बुखार, खांसी या सांस में ज्यादा तकलीफ) दिखाई दे रही है, तो तुरंत अपने हेल्थकेयर प्रोवाइडर या सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन पर संपर्क करें मेडिकल हेल्प मांगें।
  8. इसके अलावा, अगर आपके लक्षणों में कमी आ रही है या आप ठीक होने लग रहे हैं, तो कुछ दिन और निगरानी करके सेल्फ आइसोलेशन छोड़ सकते हैं।
  9. कोरोना वायरस का संक्रमित मरीज अगर आपके संपर्क में आया है तो घर को खुद को और घर को अपने द्वारा छूने वाली हर चीज को डिसइंफेक्ट करें। आपको जानना चाहिए कि साफ-सफाई दो तरह की होती है, पहली सिर्फ क्लीनिंग यानी सफाई और दूसरी डिसइंफेक्टिंग यानि शुद्धिकरण या निस्संक्रमण।

स्वच्छ भारत अभियान में की जाने वाली सफाई सिर्फ क्लिीनिंग है, जबकि कोरोना वायरस जैसे संक्रमण को रोकने के लिए आपको डिसइंफेक्टिंग की जरूरत होती है, ताकि सतह या किसी भी चीज से वायरस को पूरी तरह हटाया जा सके। क्लिीनिंग में सतह से सिर्फ कीटाणुओं, गंदगी और धूल को हटाया जा सकता है।

लेकिन हटाने से कीटाणु मरते नहीं है, बल्कि एक जगह से दूसरी जगह चले जाते हैं और पहले वाली जगह उनकी संख्या कम हो जाती है। जबकि, डिसइंफेक्टिंग में सतह को साफ करने के बाद कीटाणुओं को मारने वाली दवाओं या कैमिकल का इस्तेमाल किया जाता है।