कोरोना समेत वो 5 हेल्थ कंडिशन्स, जब $ex अवॉइड करना ही बेहतर

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कोरोना वायरस कोविड-१९ जिस तेज़ी से दुनिया में फ़िज़िकली फैल रहा है, उतनी ही तेज़ी से वह लोगों के दिमाग़ में असर करता जा रहा है. हर बीतते दिन के साथ लोग इसके अनजान डर से सहमे से जा रहे हैं. पहले किए गए कई अध्ययनों में यह बात सामने आ चुकी है कि इस तरह के स्ट्रेस और डिप्रेशन वाले माहौल में हमारी सेक्स लाइफ़ पर सबसे ज़्यादा असर पड़ता है. कुछ-कुए ऐसा ही असर कोरोना के चलते देखने मिल रहा है. हालांकि कई  शोध यह बता चुके हैं कि सेक्स करना हमारी सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है, पर ज़्यादातर लोग कन्फ़्यूज़ हैं कि इस बीमारी के फैलने के दौर में सेक्स करना भी चाहिए या नहीं. आइए जानते हैं, कब-कब सेक्स न करना सही होता है.

कोरोना के दौरान सेक्स

सेक्स न करें, अगर: आपको लग रहा हो कोरोना इन्फ़ेक्शन का डर 
वैसे तो सेक्स करना इंसान की सबसे स्वाभाविक प्रवृत्ति है और कोरोना फैलने के डर से ज़्यादार ऑफ़िसेज़ ने वर्क फ्रॉम होम का विकल्प दे रखा है. ऐसे में ज़ाहिर है, पैनिक सिचुएशन के बावजूद सेक्स करने का मन करे. पर यदि आपको ऐसा लग रहा हो कि आप इस वायरस से इन्फ़ेक्टेड किसी व्यक्ति के संपर्क में आए हों तो बेहतर होगा कि सेक्स करने से परहेज़ ही करें. इसका कारण यह है कि कोविड १९ के लक्षणों को स्पष्ट रूप से दिखाई देने में २ से १४ दिन लग सकते हैं. सेक्स नहीं करने का दूसरा कारण यह है कि यह इन्फ़ेक्शन बॉडी फ़्लूइड से फैलता है. ऐसे में पुरुषों के सीमेन या महिलाओं के वजाइनल फ़्लूइड से यह फैल सकता है. ऐसे में पार्टनर को भी इन्फ़ेक्शन होने का ख़तरा हो सकता है. वहीं यदि आपको बुख़ार, खांसी, सांस लेने में तक़लीफ़ या नाक बहना जैसे लक्षण दिखें तो बेहतर यही होगा कि ख़ुद को बाक़ी लोगों से दूर कर लें. ट्रीटमेंट के बाद भी आपको अगले दो हफ़्ते तक सेक्स करने से दूरी बनाए रखनी चाहिए.

कोरोना के दौरान सेक्स

सेक्स न करें, अगर: आपकी हाल ही में डिलिवरी हुई हो
नॉर्मल डिलिवरी हो या सिजेरियन, बच्चे को जन्म देना आसान नहीं होता. शरीर पर काफ़ी प्रभाव पड़ता है. शरीर को हील होने में समय लगता है. आमतौर पर डिलिवरी के बाद कम से कम छह हफ़्ते तक सेक्स से दूर रहने की सलाह दी जाती है. तो अगर आपका कितना भी मन क्यों न हो, अपने शरीर के बारे में सोचें. शरीर को ठीक होने के लिए आवश्यक समय दें. यदि कोई डाउट हो तो इस बारे में अपने डॉक्टर से संपर्क करें. गायनाकोलॉजिस्ट की सलाह पर ही संबंध बनाना शुरू करें.

कोरोना के दौरान सेक्स


सेक्स न करें, अगर: प्रेग्नेंसी में कॉम्प्लिकेशन्स हों

वैसे तो प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स करना सुरक्षित माना जाता है, पर सभी केसेस में यह सही हो कह नहीं सकते. अगर आपकी प्रेग्नेंसी में कॉम्प्लिकेशन्स हों तो सेक्स संबंध बनाने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें. यदि आपको पहले मिस कैरेज हो चुका हो या आपके गर्भ में ट्विन्स पल रहे हों तो आपको एक्स्ट्रा प्रिकॉशन लेने की ज़रूरत होगी. वहीं कमज़ोर बच्चेदानी वाली महिलाओं को भी अतिरिक्त सजगता बरतनी चाहिए. अगर फ़्लूइड लीक कर रहा हो या असामान्य ब्लीडिंग हो रही हो तो भी सेक्स से बचें.

कोरोना के दौरान सेक्स

सेक्स न करें, अगर: अभी-अभी वैक्स या लेज़र थेरैपी ली हो
यदि आपने अपने गुप्तांगों के आसपास वैक्स या लेज़र थेरैपी ली हो तो आपको कम से कम अगले २४ घंटे तक सेक्स करने से बचना ही चाहिए. इन ट्रीटमेंट्स के बाद वहां की त्वचा संवेदनशील हो जाती है. उसे रिकवर होने में एक्स्ट्रा टाइम लग जाता है. वैसे तो २४ घंटे मे सबकुछ सामान्य हो जाता है, पर यदि आपकी त्वचा में जलन या किसी तरह की तक़लीफ़ हो रही हो तो आप कुछ और घंटों तक सेक्स संबंधी गतिविधि से दूरी बनाएंगे तो अच्छा रहेगा.

कोरोना के दौरान सेक्स

सेक्स न करें, अगर: आपने पेप स्मियर टेस्ट के लिए अपॉइंटमेंट लिया हो
पेप स्मियर टेस्ट महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के लिए किया जानेवाला स्क्रीनिंग टेस्ट है. यह टेस्ट करवाने से ४८ घंटे पहले सेक्स की मनाही होती है. इसके अलावा भी कई और सावधानियां होती हैं, जिनके बारे में अपॉइंटमेंट देते समय डॉक्टर आपको बताते हैं. रही बात इस टेस्ट के महत्व की तो कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए हर लड़की को २१ वर्ष की उम्र में यह टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है. उसके बाद हर तीन वर्ष में यह टेस्ट कराते रहना चाहिए.