कोरोना : शादी में 50 की इजाजत और 79 मेहमान संक्रमित, दूल्हे की तो मौत हो गई

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कोरोना संक्रमण से जूझ रहे बिहार के पटना जिले में सोमवार को एक साथ 79 लोग कोविड-19 संक्रमित पाए गए हैं। इससे पहले 22 जून को 15 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। ये सभी लोग किसी न किसी रूप में 15 जून को डीहपाली में अम्बिका चौधरी के बेटे की शादी में शामिल हुए थे। शादी के दूसरे ही दिन 17 जून को अम्बिका चौधरी के बेटे की मौत हो गई थी। चौधरी का बेटा (दूल्हा) संक्रमित था या नहीं, इसका पता नहीं चल सका था क्योंकि उसकी जांच नहीं कराई गई थी।

लेकिन बाजार में सनसनी जरूर फैल गई थी। लोग चौक चौराहों पर कोरोना से हुई दूल्हे की मौत की चर्चा करने लगे हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आया और शादी समारोह में शामिल 125 लोगों के सैम्पल जांच के लिए भेजे गए। उसमें से 22 जून को आई रिपोर्ट में 15 लोग पॉजिटिव पाए गए थे। उसके बाद जांच का सिलसिला शुरू हुआ और बीते 4 दिन में 369 लोगों की जांच की गई। इसमें से आज 79 लोग संक्रमित मिले हैं।

बड़ी संख्या में संक्रमित मिलने के बाद प्रशासन हुआ अलर्ट
एक साथ 79 लोगों का रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और डीहपाली समेत नगरबाज़ार का मीठा कुंआ, खपुरा और बाबा बोरिंग रोड को कंटेन्मेंट ज़ोन में तब्दील कर दिया। इन मोहल्लों को सील करने का आदेश जिला प्रशासन ने जारी कर दिया है। बीडीओ चिरंजीव पांडेय ने बताया कि संक्रमण से प्रभावित मोहल्लों समेत पालीगंज बाजार को सैनिटाइज कराया जा रहा है। लोगों को घरों में रहने, बिना काम के घर से बाहर नहीं निकलने, बाहर निकलते समय चेहरे को मास्क से ढकने की हिदायत दी गई है। उन्होंने बताया कि नगर बाजार के दुकानदारों को भी कोरोना वायरस से होने वाले संक्रमण से बचाव को लेकर एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।

‘बाजार में न तो सोशल डिस्टेंस और न मास्क लगाते हैं लोग’
अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सक डॉ उमाशंकर ने कहा कि कोरोना को निमंत्रण यहां के लोगों ने खुद ही दिया है। लॉकडाउन-4 के बाद अनलॉक-1 में यहां के लोग कोविड-19 के नियमों को भूल गए। लोग मास्क लगाना तो दूर सोशल डिस्टेंसिंग को भूल गए। सामान्य दिनों की तरह लोग शादी समारोह में शामिल होने लगे। लोगों में कोरोना का भय मिट सा गया। पालीगंज के चिकित्सक डॉ श्यामनंदन शर्मा ने कहा कि संक्रमण काल में शादी की जल्दबाजी कितनी भारी पड़ सकती है, यह यहां के लोग अब महसूस कर रहे हैं। एक शिक्षक की जिद्द यहां के सैकड़ों लोगों पर भारी पड़ गई।