छत्तीसगढ़देश

कोरोना : जिले छिपा रहे मृतकों की जानकारी, मुक्तांजलि की रिपोर्ट भी उठा रही आंकड़ों पर सवाल

रायपुर. प्रदेश में कोरोना वायरस (Coronavirus Chhattisgarh Update) से मरने वालों के आंकड़ों का सच क्या है? क्या स्वास्थ्य विभाग मौतों की जो जानकारी रोजाना सार्वजनिक कर रहा है, क्या उतनी ही मौतें अब तक हुईं हैं या उससे अधिक। ‘पत्रिका’ को विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में मरने वालों की संख्या मौजूदा आंकड़ों से अधिक है। इससे जुड़े दो प्रमुख तथ्य पड़ताल के दौरान सामने आए हैं।

पहला प्रमाण है स्वास्थ्य संचालक नीरज बंसोड़ का 22 सितंबर को सभी जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएमएचओ) को लिखा वह पत्र जिसमें साफ-साफ उल्लेख है कि जिला सर्विलेंस इकाइयों और कोविड19 अस्पतालों द्वारा राज्य सर्विलेंस इकाई को समय पर मौतों की जानकारी समय पर नहीं दी जा रही है। जिसके कारण राज्य और जिलों के आंकड़ों में अंतर आ रहा है।

दूसरा प्रमाण, शवों को दाह संस्कार के लिए अस्पताल से मुक्तिधामों तक ले जाने वाले मुक्ताजंली वाहन ने अब तक 1148 कोरोना मृतकों/संदिग्धों के शवों को पहुंचाया है। उधर, बीते महीने कई जिलों ने एक साथ, एक दिन में मौतों की रिपोर्ट राज्य को भेजी। जिससे मौत आंकड़े में एक दिन में 57 मौतें जुड़ी तो मौत के आंकड़े काफी अधिक दिखाई देने लगे। जानकारी के मुताबिक कुछ निजी अस्पताल भी जानकारी देने में लेट-लतीफी कर रहे हैं। ऐसे में सवाल यह है कि मंगलवार तक 718 मौतें ही हुईं, या उससे अधिक।

मुक्तांजलि की रिपोर्ट भी उठा रही आंकड़ों पर सवाल
कोरोना से मरने वालों के शव मुक्तांजलि 1099 के जरिए ही अस्पतालों से सीधे श्मशानघाटों तक ले जाए जा रहे हैं। मुक्तांजलि के जरिए 1148 शवों को दाह संस्कार के लिए ले जाया गया। यह सेवा विभाग की ही एक सेवा है। इसके आंकड़े गलत नहीं हो सकते। सूत्र बताते हैं कि हो सकता है कि 100-150 शव कोरोना संदिग्धों के भी हों। अगर, 1148 से 150 निकाल भी दिए जाएं तो तब भी 1000 और 718 मौतों में 282 का अंतर है। वैसे भी कोरोना वायरस से मरने वालों का ही कोरोना प्रोटोकॉल के तहत दाह संस्कार होता है।

सबसे ज्यादा लापरवाही वाले जिले
दुर्ग जिला सीएमएचओ को कोरोना कंट्रोल रूम से समय पर सही जानकारी दिए जाने को लेकर नोटिस जारी हुआ, मगर वे इसका पालन नहीं कर रहे। छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेस (सिम्स) बिलासपुर और रायगढ़ सीएमएचओ को भी नोटिस जारी हुए। जगदलपुर सीएमएचओ 4 दिन पहले कोरोना संक्रमित हुए थे तो वहां से भी रिपोर्ट नहीं भेजी जा रही है। उधर, कई जिले तो मौत की विस्तृत रिपोर्ट नहीं भेज रहे। एक-एक, दो-दो लाइन में जानकारी भेज रहे हैं। जिसे राज्य स्वीकार नहीं कर रहा है।

प्रदेश में सालाना मृत्युदर 7.5 प्रति हजार
स्वास्थ्य विभाग के सालाना प्रतिवेदन में मृत्युदर 7.5 प्रतिशत दर्ज है। यानी प्रति हजार जनसंख्या धनत्व में 7.5 व्यक्तियों की मौत होती है। अगर, इसकी तुलना कोरोना से होने वाले मौतों से की जाए तो कोरोना से प्रति हजार संक्रमितों में 7.9 प्रतिशत मृत्युदर रिपोर्ट हुई है।

स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता एवं संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. सुभाष पांडेय ने कहा, कुछ जिले के सीएमएचओ मृत्यु संबंधित जानकारी मुहैया नहीं करवा रहे हैं। कई बार मौखिक और लिखित नोटिस भी जारी किए गए हैं। मगर, सुधार नहीं हो रहा है। इससे आंकड़ों में अंतर स्वाभाविक है।

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