कोरोना को बहुत जल्द हराने वाला है भारत, सबूत हैं ये 2 बड़े आंकड़े

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देशभर में कोरोना वायरस ( coronavirus ) लगातार अपने पैर पसार रहा है।अब तक देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 8 लाख 78 हजार के पार पहुंच चुकी है। जबकि 22 हजार से ज्यादा लोग अपनी जान इस घातक बीमारी के चलते गंवा चुके हैं। लेकिन देश में कोरोना वायरस संक्रमण के संकट के बीच एक राहत देने वाली खबर भी सामने आई है।

दरअसल देश में कोरोना वायरस महामारी से संबंधित दो ट्रेंड ऐसे हैं जिनमें पिछले दो महीने में कोई बदलाव नहीं आया है। इनमें से एक ट्रेंड टेस्ट पॉजिटिविटी रेट ( Positivity rate ) और दूसरा मृत्यु दर ( Corona Death rate ) से संबंधित है। मृत्यु दर में लगातार गिरावट आना कोरोना काल में देश के लिए एक बड़ी राहत है।

देश में पिछले दो महीने से पॉजिटिविटी रेट लगातार बढ़ रही है, वहीं मृत्यु दर लगातार कम हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आगे भी ये ट्रेंड जारी रह सकता है।

देश में चल रहे दो ट्रेंड के मुताबिक पहला रुझान ये बताता है कि देश में पॉजिटिविटी रेट लगातार बढ़ रहा है। अब यहां ये समझ लेते हैं कि आखिर पॉजिटिविटी रेट के बढ़ने के मायने क्या हैं।

पॉजिटिविटी रेट प्रति 100 टेस्ट पर संक्रमित पाए जाने वाले लोगों की संख्या को कहते हैं। कोरोना वायरस महामारी के शुरूआती कुछ महीनों में ये रेट चार से पांच प्रतिशत के बीच रही और मई से इसमें लगातार इजाफा होना शुरू हुआ।

मई की शुरूआत में देश की टेस्ट पॉजिटिविटी रेट 4.14 प्रतिशत थी और अब ये बढ़कर 7.44 प्रतिशत हो गई है, यानि हर 10,000 टेस्ट पर 744 लोगों को संक्रमित पाया जा रहा है।

इसलिए बढ़ रहा पॉजिटिविटी रेट
बढ़ती हुई पॉजिटिविटी रेट बढ़ने की सबसे बड़ा कारण है पर्याप्त मात्रा में कोरोना टेस्ट का ना होना। देश में कोरोना वायरस काफी फैल चुका है और इसका प्रसार अधिक तेजी से हो रहा है। इसी को कोरोना पॉजिटिविटी रेट कहते हैं।

टेस्टिंग का भी इससे गहरा नाता है। कम संख्या में टेस्ट होने के कारण कई संक्रमित लोग छूट जाते हैं और उनके समाज में वायरस फैलाने का खतरा रहता है। टेस्ट की संख्या बढ़ाकर और सुरक्षा संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करके पॉजिटिविटी रेट को नीचे लाया जा सकता है।

मृत्यु दर में गिरावट ने दी राहत
अब बात करते हैं मृत्यु दर की, यानि संक्रमित पाए जा रहे प्रति 100 लोगों में से कितनों की मौत हो रही है। मृत्यु दर का आंकड़ा कोरोना वायरस के खिलाफ किसी देश की लड़ाई किस दिशा में जा रही है, इसका संकेत देता है।

सही दिशा में बढ़ रहे आगे
मई की शुरूआत में भारत की मृत्यु दर 3.28 प्रतिशत थी और अब ये घटकर 2.64 प्रतिशत पर आ गई है, यानी हर 10 हजार मरीजों में से 264 मरीजों की मौत हो रही है। अब इस दर में लगातार कमी का आना अच्छा संकेत हैं क्योंकि ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। यानी हम इस बीमारी को काबू करने में सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

सिर्फ एक बार बढ़ी दर
पिछले दो महीने में केवल एक बार ऐसा हुआ जब देश की मृत्यु दर बढ़ी और ऐसा महाराष्ट्र के पुरानी 2,000 मौतों को एक साथ कुल आंकड़ों में शामिल करने के कारण हुआ।

विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना होने वाली मौतों की संख्या में वृद्धि के बावजूद मृत्यु दर में कमी का ये ट्रेंड आगे भी जारी रहेगा। बता दें कि देश में पिछले कई दिनों से रोजाना 400 से 600 के बीच मौतें हो रही हैं।