कोरोना : इन नेताओं को सरकारी अस्पतालों पर भरोसा नहीं, इलाज के लिए प्राइवेट को चुने

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नई दिल्ली
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कोविड- 19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो वो गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती हो गए। यह एक प्राइवेट हॉस्पिटल है। इस कारण पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शाह पर सवाल उठा दिया। उन्होंने इस मौके पर सरकारी संस्थानों को मजबूत करने की नसीहत भी दे डाली। थरूर ने शाह को दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स (AIIMS) जैसे प्रसिद्ध संस्थान को छोड़कर प्राइवेट हॉस्पिटल का चयन करने पर हैरानी जताई।

थरूर ने जताई हैरानी

थरूर ने ट्वीट किया, ‘मैं हैरान हूं कि हमारे गृह मंत्री बीमार होने पर AIIMS जाने के बजाय पड़ोसी राज्य के एक निजी अस्पताल को चुना। अगर आम लोगों में सरकारी संस्थानों के प्रति भरोसा पैदा करना है तो ताकतवर लोगों को उन्हें संरक्षण देना होगा।

थरूर के ट्वीट से छिड़ी बहस
थरूर का यह ट्वीट सुर्खियों में आ गया और इस पर बहस छिड़ गई। हालांकि, यह सचाई है कि शाह कोई पहले नेता या मंत्री नहीं हैं जिन्होंने इलाज के लिए सरकारी की जगह निजी अस्पतालों को ही तवज्जो दी है। सरकारी संस्थानों का हाल तो यही है कि स्थानीय स्तर का नेता भी अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में नहीं भेजता है। बहरहाल, आइए जानते हैं कि अब तक किन-किन नेताओं ने कोरोना से संक्रमित होने या इसकी आशंका में प्राइवेट अस्पताल का रुख किया है…

कोविड- 19 इलाज के लिए प्राइवेट हॉस्पिटल गए ये नेता

केंद्र/राज्य   अस्पताल
केंद्र अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री मेदांता हॉस्पिटल, गुरुग्राम
  धर्मेंद्र प्रधान मेदांता हॉस्पिटल, गुरुग्राम
कर्नाटक बीएस येदियुरप्पा, मुख्यमंत्री मेदांता हॉस्पिटल, बेंगलुरु
  सिद्धारमैया, पूर्व मुख्यमंत्री मेदांता हॉस्पिटल, बेंगलुरु
महाराष्ट्र अशोक चव्हान, PWD मिनिस्टर ब्रीच कैंड, मुंबई
मध्य प्रदेश शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री चिरवायु मेडिकल कॉलेज, भोपाल
तमिलनाडु बनवारीलाल पुरोहित, राज्यपाल* कावेरी हॉस्पिटल, चेन्नै
गुजरात शंकर सिंह वाघेला, पूर्व मुख्यमंत्री स्टर्लिंग हॉस्पिटल, अहमदाबाद
  भरत सिंह सोलंकी, पूर्व केंद्रीय मंत्री CIMS, अहमदाबाद
दिल्ली सत्येंद्र जैन, स्वास्थ्य मंत्री मैक्स हॉस्पिटल, साकेत, दिल्ली

इनके अलावा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के तीन-तीन मंत्रियों, पंजाब, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना के एक-एक मंत्री जबकि तेलंगाना और हरियाणा के दो-दो विधायकों ने भी प्राइवेट हॉस्पिटलों का ही चयन किया। तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित दिनभर अस्पताल में भर्ती हुए। शाम में वो राजभवन में लौट आए थे।