कितनी जुल्मी है योगी जी की यूपी पुलिस, ये कोई इस परिवार से जाकर पूछे

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एक बार फिर खाकी को दागदार करने वाला मामला सामने आया है और यूपी पुलिस का अमानवीय चेहरा उजागर हुआ है. खबर ललितपुर जनपद से है. यहां पास्को एक्ट में दर्ज मामले में जीजा-साले को पूछताछ के लिए लाए जाने के बाद पुलिस कस्टडी में थर्ड डिग्री इस्तेमाल जमकर पिटाई की. दो दिन हवालात में बंद रखने के बाद तरह-तरह की धमकियां दी गईं. साले की तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई.

कुछ दिन पूर्व एक नाबालिग किशोरी को भगा ले जाने का मामला पास्को एक्ट में दर्ज किया गया था. जिसके बाबत बड़ापुरा निवासी गोकुल कुशवाहा और नाराहट निवासी उसके साले देवेन्द्र तनय कडोरे को पूछताछ के लिए चौकी इंचार्ज अटल बिहारी द्वारा सदर कोतवाली लाया गया. आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन दोनों की जमकर पिटाई की एवं झूठे मामले में फंसाए जाने की धमकी भी दी.

पुलिस के इस सितम से देवेंद्र की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया. तबीयत बिगड़ने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसे कोतवाली से छोड़ दिया. परिजनों ने जिला चिकित्सालय में उसे भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान मौत हो गई. मौत के बाद मृतक के तीमारदारों और सामाजिक लोगों ने जिला अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा काटा और पथराव भी किया.

हंगामे की सूचना पाकर आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. परिजनों ने लिखित रूप से तहरीर देकर चौकी इंचार्ज अटल बिहारी के साथ दो पुलिस कर्मियों को आरोपित कर मामले में कार्यवाही की मांग उठाई. एसपी कैप्टन एमएम बेग ने तत्कालीन चौकी इंचार्ज अटल बिहारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर जांच के आदेश दे दिए हैं.