जिंदगी

काम की बात: कर रहे हैं घर साफ, इन बातों को कभी न करें नजरअंदाज

साफ-सफाई रखना बहुत ज़रूरी होता है। हम सभी अपने घर को साफ-सुथरा रखने में लगे रहते हैं। इससे ना केवल हमें खुशी मिलती है बल्कि इससे हम और हमारा परिवार कई बीमारियों और संक्रमण से भी बचा रहता है। धूल-मिट्टी से घर रोज़ ही गंदा हो जाता है और अगर घर में छोटे बच्‍चे हों तो घर को संभालना और साफ रखना और भी मुश्किल हो जाता है। घर के गंदे कोने वहां रहने वाले लोगों में बीमारी फैलाने का प्रमुख कारण होते हैं।आजकल हम सभी इतना व्‍यस्‍त रहते हैं कि किसी के भी पास रोज़ाना घर की सफाई के लिए समय नहीं होता है। जब दोनों ही पार्टनर कामकाजी हों तो घर की सफाई करना चुनौती बन जाता है। हम में से कई लोग हफ्ते में एक बार ही घर की सफाई कर पाते हैं।ऐसा करना बहुत गलत है क्‍योंकि जल्‍दबाज़ी में हम घर के कुछ कोनों को साफ करना भूल जाते हैं या उन्‍हें नज़रअंदाज़ कर देते हैं।

यह पाया गया है कि जिन स्थानों को उपेक्षित किया जाता है, उसी स्थान पर लोगों का जाना ज़्यादा होता है। आज इस पोस्‍ट के ज़रिए हम आपको घर की उन जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्‍हें आपको ज़रूर साफ करना चाहिए लेकिन आप इनकी सफाई को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। इस जगह पर गंदगी का जमाव रहता है। अगर आप इसे रोज़ साफ ना करें तो यहां सबसे ज़्यादा कीटाणु पनपने लगते हैं। हफ्ते में कम से कम दो बार आपको इस जगह को सूखे कपड़े से साफ करना चाहिए। वहीं साल में दो बार इसकी अच्‍छे से सफाई करें। इस जगह पर गंदगी का जमाव रहता है। अगर आप इसे रोज़ साफ ना करें तो यहां सबसे ज़्यादा कीटाणु पनपने लगते हैं। हफ्ते में कम से कम दो बार आपको इस जगह को सूखे कपड़े से साफ करना चाहिए। वहीं साल में दो बार इसकी अच्‍छे से सफाई करें। एक प्‍ल‍ास्टिक बैग लें और उसमें बराबर मात्रा में विनेगर और पानी डालें।

इसे शॉवर हैड के ऊपर लगा दें और रबड़ बैंड से अच्‍छी तरह से बांध दें। 3 मिनट बाद प्‍लास्टिक बैग को निकाल लें और उसे स्‍क्रब करके धोएं और फिर सुखा लें।कारपेट में बहुत धूल-मिट्टी होती है और अगर आपके घर में पालतू जानवर या बच्‍चे हैं तो ये जगहें और भी ज़्यादा गंदी रहती है। इन्‍हें हफ्ते में एक बार ज़रूर साफ करना चाहिए। वैक्‍यूम से आप अपने कारपेट की सारी धूल-मिट्टी और गंदगी को साफ कर सकते हैं। नियमित सफाई करने से कारपेट से सारे कीटाणु निकल जाएंगे।वॉशिंग मशीन के अंदर मोल्‍ड, फफूंदी और लिंट जम जाता है। इससे बचने के लिए आपको मशीन में थोडा सा पानी भरकर उसमें ब्‍लीच डालकर खाली घुमाएं। आप चाहें तो वॉशिंग मशीन को पूरा पानी से भरकर उसमें तीन चम्‍मच ब्‍लीच डालकर भी घुमा सकते हैं। इससे वॉशिंग मशीन अंदर से साफ हो जाती है।ओवन में खाने की कई सारी चीज़ें गर्म होती हैं और ओवन रैक पर ग्रीस, ग्रिम की परत जम जाती है।

ऐसे में इसकी सफाई करना मुश्किल होता है। इसे साफ करने के लिए एक चौथाई कप सफेद सिरका लें और उसमें इतनी ही मात्रा में डिशवॉशिंग लिक्‍विड डालें और एक कप पानी डालकर एक स्‍प्रे बोतल में भर लें।इसे ओवन रैक पर स्‍प्रे करें और आधे घंटे के लिए छोड़ दें। इसके बाद ग्रीस को स्‍क्रब करें और गंदगी को साफ करें। घर के इस हिस्‍से की सफाई को भी नज़रअंदाज़ किया जाता है। हफ्ते में एक बार शू रैक पर सूखा कपड़ा मारकर इसकी सफाई जरूर करें। अगर आप नियमित ऐसा करते हैं तो शू रैक पर धूल-मिट्टी नहीं जमेगी और आपके जूते-चप्‍पल भी साफ रहेंगे।आमतौर पर रेफ्रिजरेटर के पीछे रेफ्रिजरेटर कॉइल होता है और इसे साफ करना आसान होता है। इसके लिए आपको ब्रश के ब्रिसल का इस्तेमाल करना है और फिर वैक्‍यूम का इस्‍तेमाल करना है। हालांकि, फ्रिज को बंद करके उसकी सफाई करना बहुत ज़रूरी है।

इस बात का ध्‍यान रखें कि नियमित रेफ्रिजरेटर की सफाई करने से उसकी उम्र बढ़ती है।इस जगह को भी साफ करना आसान होता है लेकिन अकसर लोग इसे भी नज़रअंदाज़ कर जाते हैं। इस हिस्‍से की सफाई के लिए कुछ समय तक नाइफ ब्‍लॉक को उल्‍टा करके रख दें। उसमें सारी छिपी गंदगी बाहर निकल आएगी। अब कैंड एयर से इस पर स्‍प्रे करें। अब 20 मिनट के लिए ब्‍लॉक को साबुन में भिगोकर रख दें और फिर इसे पानी से धो लें। आप चाहे जितनी भी सावधानी क्‍यों ना बरत लें मैट्रेस पर कोई ना कोई दाग तो लग ही जाता है। ऐसे में आपको उस हिस्‍से की सफाई माइक्रोफाइबर तौलिए से लॉन्‍ड्री डिटर्जेंट से करनी चाहिए। इसके बाद साफ पानी में तौलिया भिगोकर उस हिस्‍से को स्‍क्रब करें। इससे मैट्रेस पर कीटाणु नहीं पनपते हैं।अगर आपको किताबें पढ़ने का शौक है|

तो ज़ाहिर सी बात है कि आपके घर में कुछ किताबें तो होंगी ही। ये कोई गंदी आदत नहीं है लेकिन आप अपने बुक शेल्‍फ पर जमी धूल को हर हफ्ते साफ करने की कोशिश करनी चाहिए। इसमें एक छोटा सा माइक्रोफाइबर कपड़ा भी कमाल दिखा सकता है। इससे ना सिर्फ किताबें ठीक तरह से रहेंगी बल्कि आपके घर में भी कीटाणु नहीं पनपेंगें।चूंकि, सॉफ्ट टॉयज़ फरी होते हैं इसलिए इनमें धूल-मिट्टी आसानी से जम जाती है। इससे बच्‍चों को एलर्जी हो सकती है। इससे बचने के लिए सॉफ्ट टॉयज़ को महीने में एक बार ज़रूर धोएं। इसके लिए वॉशिंग मशीन में कुछ चम्‍मच फैब्रिक सॉफ्टनर डालें और डेलिकेट मोड पर उसमें टायॅज़ डालकर चला दें।

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