कहानी जन्मभूमि की : रामलला के लिए इस दुकान से रोजाना जाता है 20 बीड़ा स्पेशल पान

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अयोध्या के जैन मंदिर चौराहे के पास ही दीपक चौरसिया की पान की दुकान है। वैसे तो दुकान पर कोई बोर्ड नहीं लगा है, लेकिन राम जन्मभूमि से जुड़े होने के कारण लोग इनके नाम से ही दुकान का पता बता देते हैं। दीपक कहते हैं कि मेरे पिता जी भोग के लिए पान का बीड़ा मंदिर तक पहुंचाया करते थे। हम लोग भी छोटे-छोटे थे, तब उनके साथ कभी-कभी जाते थे। उनके जाने के बाद हमारे ऊपर यह जिम्मा आ गया। पिता जी हमेशा सेवा भाव से ही जुड़े रहे।

दीपक ने बताया कि भगवान के लिए पान लगाना होता है, इसलिए सुबह 8 बजे मैं दुकान पहुंच जाता हूं। 8.30 से 9 बजे के बीच मैं भगवान के लिए 20 बीड़ा मीठा पान तैयार कर फ्रिज में अलग रख देता हूं। तकरीबन 10.30 बजे उसे मंदिर पहुंचा देता हूं।

दीपक बताते है कि भगवान का पान जूठा न हो इसलिए उनके लिए सभी मसालों का डिब्बा अलग रख रखा है। दीपक कहते है कि भगवान के लिए मीठा पान लगता है, उसमें कत्था, चुना, सुपारी, गरी, सौंफ, लौंग, गुलकंद, चेरी, मीठा मसाला, मीठी चटनी डाल कर बनाते हैं।

उन्होंने बताया कि महीने में 2 एकादशी पड़ती है, जब भगवान व्रत रहते हैं। तब पान नहीं ले जाते। 5 अगस्त के लिए दीपक ने विशेष तैयारी कर रखी है। उन्होंने स्पेशल मसाले रखे हैं जोकि उस दिन पान में डाले जाएंगे, जिसमें बनारसी बड़ा पान, केसर, इत्र, खजूर और मीठा करौंदा डाला जाएगा।

बहरहाल, दीपक को महीने का 700 रुपए मिलता है।